नवादा : जैसा कि मैंने पूर्व में कहा था, जिले के रजौली प्रखंड अमावां पंचायत पीडीएस विक्रेता योगेन्द्र पासवान को स्थानीय से लेकर राज्य स्तर के अधिकारियों द्वारा लाख बचाने का प्रयास कर लें लेकिन आरटीआई कार्यकर्ता के तरकश में इतने तीर हैं कि बचा पाना संभव नहीं। वैसा ही एक तीर फिर छोड़ा गया है ताकि उसके किये गये कुकृत्यों से पर्दा उठाया जा सके। आरोपों से संबंधित दस्तावेज राज्य खाद्य सुरक्षा आपूर्ति सचिव को भेजा गया है।
आरोप है कि पीडीएस विक्रेता योगेन्द्र पासवान की पूर्व में डीएम द्वारा त्रिस्तरीय जांच कमिटी द्वारा कराये गये जांच में अनुज्ञप्ति फर्जी पाये जाने के बाद रजौली एसडीएम को कार्रवाई का आदेश निर्गत किया था। पासवान को बचाने के चक्कर में कई भ्रामक तथ्यों का तीर रजौली एसडीएम द्वारा चलाया गया। राज्य सचिव ने पुनः डीएम को वरीय पदाधिकारियों की तीन सदस्यीय जांच कमिटी गठित कर प्रतिवेदन की मांग कर एकबार फिर मौका दिया जिसका प्रतिवेदन आना शेष है। लेकिन आरटीआई कार्यकर्ता भला चुप रहने वाले कहां थे सो अगला तीर फिर चला दिया है।
उन्होंने योगेन्द्र पासवान पर अंत्योदय राशन कार्ड जो पूर्व में दूसरे के नाम था छेड़छाड़ कर अपने पुत्र व पुत्री का आधार सीडिंग कर अपने ही पाश मशीन से खाद्यान्न का लगातार उठाव कराने का आरोप लगाया है। उन्होंने राज्य सचिव से जांचोपरांत कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध करते हुए इसे पूर्व से चले आ रहे वाद में शामिल करने का अनुरोध किया है। इससे संबंधित दस्तावेज राज्य खाद्य आपूर्ति सचिव को उपलब्ध कराई गई है। बता दें इसी आरोप में हाल में ही सिरदला प्रखंड क्षेत्र बड़गांव पंचायत अमोखरी पीडीएस विक्रेता विरेन्द्र सिंह की अनुज्ञप्ति रजौली एसडीएम रद्द कर चुके हैं।
भईया जी की रिपोर्ट