नवादा : जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के लगभग आधे पद खाली हैं, जिस कारण खींचतान कर स्वास्थ्य व्यवस्था को सुचारू रखा जा रहा है। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के 191 पद सृजित हैं, लेकिन 119 से ही स्वास्थ्य सेवा का काम चल रहा है। 72 विभिन्न पद सदर अस्पताल में रिक्त हैं, जिससे लगातार परेशानी बनी रहती है।
सदर अस्पताल में सृजित पदों और वर्तमान में तैनात डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या को देखकर आसानी से ज्ञात होता है कि अस्पताल की व्यवस्था काफी ढुलमुल है। प्रतिदिन हजारों मरीजों के इलाज का भार उठाने वाले इस अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों से लेकर चतुर्थवर्गीय कर्मियों तक के अधिकांश पद रिक्त पड़े हैं, जिससे न केवल मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है, बल्कि कार्यरत स्टाफ पर भी काम का अत्यधिक मानसिक व शारीरिक दबाव बना हुआ है।
सदर अस्पताल की यह स्थिति स्पष्ट करती है कि ढांचागत सुधारों के बड़े-बड़े दावों के बावजूद, जब तक खाली पड़े पदों पर स्थायी नियुक्तियां नहीं होतीं, तब तक आम जनता को मुकम्मल इलाज मिलना एक चुनौती बना रहेगा। सदर अस्पताल के सरकारी आंकड़ों और उपलब्ध मानव बल की स्थिति बेहद चिंताजनक है। अस्पताल में सबसे महत्वपूर्ण संवर्गों में शामिल विशेषज्ञ डॉक्टरों के अधिकांश पद खाली हैं। सर्जन के अस्पताल में कुल 03 पद सृजित हैं, लेकिन केवल 02 डॉक्टर ही कार्यरत हैं, जिनमें से 01 नियमित और 01 अनुबंध पर हैं।
डॉक्टरों के उपलब्धता
जनरल फिजिशियन/स्पेशलिस्ट डॉक्टर के भी कुल 03 पदों के मुकाबले मात्र 02 डॉक्टर तैनात हैं, जिनमें से 01 नियमित, 01 अनुबंध पर हैं। नेत्र सर्जन (आई स्पेशलिस्ट) का अस्पताल में 01 पद सृजित है, जो रिक्त है। चर्म रोग विशेषज्ञ का सृजित 01 पद लंबे समय से खाली पड़ा है। दंत चिकित्सक के 02 पदों के विरुद्ध केवल 01 नियमित डॉक्टर ही उपलब्ध हैं। प्रसव और महिलाओं के इलाज के लिए अस्पताल में 07 पद सृजित हैं। राहत की बात है कि यहां 06 डॉक्टर यानी 03 नियमित और 03 अनुबंध पर कार्यरत हैं, जो कुल मिलाकर विभाग को संभाल रही हैं। ले-दे कर इस विभाग की ही स्थिति अच्छी है। शिशु रोग विशेषज्ञ के रूप में बच्चों के इलाज के लिए 02 पद सृजित हैं, लेकिन यहां 04 डॉक्टर हैं, जिनमें से 02 नियमित और 02 अनुबंध पर कार्यरत हैं जो स्वीकृत संख्या से अधिक है।
ईएनटी विभाग की स्थिति
ईएनटी स्पेशलिस्ट यानी कान, नाक, गला के अत्यंत महत्वपूर्ण संवर्ग के लिए कुल 06 पद सृजित किए गए हैं, लेकिन सिर्फ 01 नियमित डॉक्टर के भरोसे पूरा विभाग चल रहा है। इधर, हड्डी रोग विशेषज्ञ के कुल 03 पद स्वीकृत हैं, जिसके सापेक्ष केवल 02 नियमित डॉक्टर ही सेवाएं दे रहे हैं। इनमें से एक डॉक्टर 04 माह से छुट्टी पर हैं।
मनोरोग चिकित्सक
मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े रोगियों के लिए स्वीकृत 01 पद पूरी तरह खाली है। सामान्य चिकित्सक एमबीबीएस ओपीडी और इमरजेंसी सेवाओं की रीढ़ माने जाते हैं, जिनके कुल 20 पद सृजित हैं, लेकिन अस्पताल के पास केवल 13 नियमित डॉक्टर ही उपलब्ध हैं। इनके अलावा, आयुष संवर्ग में अस्पताल में 04 पद सृजित हैं, लेकिन वर्तमान में 03 डॉक्टर ही कार्यरत हैं। इनमें 02 उपलब्ध हैं और 01 सिविल कोर्ट में प्रतिनियुक्ति पर हैं। ऑपरेशन के समय बेहोश करने वाले मूर्च्छकों के 04 पद सृजित हैं, लेकिन केवल 03 ही तैनात हैं, जिनमें 02 नियमित व 01 अनुबंध पर हैं।
पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मियों की भारी कमी
डॉक्टरों के अलावा सदर अस्पताल के अन्य तकनीकी और गैर-तकनीकी संवर्गों में भी पदों की भारी विसंगति देखने को मिल रही है। अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे जैसी महत्वपूर्ण जांच रिपोर्ट के लिए जिम्मेदार रेडियोलॉजिस्ट के सभी 02 पद रिक्त पड़े हैं, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। पैथोलॉजी विभाग में 02 पद सृजित हैं, लेकिन वर्तमान में 02 डॉक्टर कार्यरत हैं, जिनमें से एक बीते एक वर्ष से छुट्टी पर हैं। फिजियोथेरेपिस्ट संवर्ग के लिए स्वीकृत 02 पदों के विरुद्ध 02 कर्मी उपलब्ध हैं।
एएनएम-जीएनएम के भी आधे पद रिक्त
एएनएम और जीएनएम यानी नर्सिंग स्टाफ के कुल 120 पद सृजित हैं, लेकिन अस्पताल में केवल 77 स्टाफ कार्यरत हैं, जिनमें 01 अनुबंध पर है। यानी 43 नर्सों की कमी के कारण वार्डों में मरीजों की देखभाल प्रभावित हो रही है। घावों की पट्टी करने वाले ड्रेसर के 02 पद सृजित हैं और दोनों ही खाली पड़े हैं। ईसीजी टेक्नीशियन संवर्ग में सृजित एक पद रिक्त है, जिससे हृदय रोगियों की प्राथमिक जांच बाधित हो रही है। स्वास्थ्य प्रबंधक का 01 पद सृजित है और इस पर 01 कर्मी कार्यरत है।
अन्य पदों का हाल भी बेहतर नहीं
अस्पताल परिसर के रख-रखाव के लिए माली का स्वीकृत 01 पद रिक्त है। अस्पताल की जल आपूर्ति व्यवस्था देखने के लिए स्वीकृत प्लम्बर का 01 पद खाली है। इसी प्रकार, इलेक्ट्रिशियन के दो पद सृजित हैं, ताकि बिजली व्यवस्था दुरुस्त रहे लेकिन दोनों पद खाली पड़े हैं। शेष, सफाईकर्मियों के कार्य वर्तमान में आउटसोर्स से कराए जा रहे हैं।
कहते हैं अधिकारी
सदर अस्पताल में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी की जानकारी मुख्यालय को लगातार भेजी जा रही है। जितने भी डॉक्टर और कर्मी अभी उपलब्ध हैं, उन्हीं के सहारे हम बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने का प्रयास कर रहे हैं। राज्य सरकार के स्तर से नई नियुक्तियां और बहाली की प्रक्रिया प्रक्रियाधीन है। जैसे ही नए डॉक्टरों और तकनीकी कर्मियों की तैनाती होगी, इस विसंगति को दूर कर लिया जाएगा। -डॉ.बिनोद कुमार चौधरी, सिविल सर्जन, नवादा:
भईया जी की रिपोर्ट