नवादा : जिले के रजौली डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय का विवाद अब और गहरा गया है। मामले का राजनीतिकरण होने से शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है। छात्रों द्वारा शिक्षकों पर जातिसूचक गाली-गलौज, मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए जाने के बाद मामला अब पुलिस तक पहुंच गया है। भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र राजवंशी छात्रों के साथ अनुसूचित जाति थाना पहुंचे, जहां संबंधित शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। रजौली अंबेडकर आवासीय विद्यालय पिछले कई दिनों से लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।
छात्रों का आरोप है कि विद्यालय में कुछ शिक्षक उनके साथ अभद्र व्यवहार करते हैं, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हैं और विरोध करने पर मारपीट की जाती है। इससे पहले विद्यालय के भोजन की गुणवत्ता को लेकर छात्रों ने विरोध दर्ज कराया था। भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र राजवंशी छात्रों के साथ अनुसूचित जाति थाना पहुंचे और संबंधित शिक्षकों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई की मांग करते हुए लिखित शिकायत दी। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि इस पूरे प्रकरण को लेकर पहले भी कई सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने विद्यालय पहुंचकर छात्रों से मुलाकात की थी। मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग लगातार उठ रही है। अब सबकी निगाहें पुलिस जांच और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि छात्रों के आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषी शिक्षकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गयी है। अब सबसे बड़ा सवाल क्या इसका असर शिक्षा पर पड़ेगा? ऐसा होने से शिक्षकों में हड़कंप मच गया है।
भईया जी की रिपोर्ट