नवादा : जिले के वारिसलीगंज नगर परिषद क्षेत्र के होनहार छात्र एवं व्यवसाई सुनील भालोटिया का पुत्र आयुष भलोटिया ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा नीट (NEET-UG) में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 4 प्राप्त कर पूरे बिहार का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा घोषित परिणाम में आयुष की इस ऐतिहासिक उपलब्धि की जानकारी मिलते ही वारिसलीगंज सहित पूरे जिले में खुशी की लहर दौड़ गई।
परिजनों, रिश्तेदारों, मित्रों और शुभचिंतकों ने मिठाई खिलाकर, पटाखे फोड़कर और एक-दूसरे को बधाई देकर इस गौरवपूर्ण पल का उत्सव मनाया। देश की सबसे कठिन एवं प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल नीट-यूजी में देशभर में चौथा स्थान हासिल करने के बाद आयुष का देश के सर्वोच्च चिकित्सा संस्थान एम्स (AIIMS), नई दिल्ली में अध्ययन का सपना साकार होने जा रहा है।
उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं होती, बल्कि मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर छोटे कस्बों से भी राष्ट्रीय स्तर की सफलता हासिल की जा सकती है। आयुष की सफलता पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने उन्हें एवं उनके परिवार को हार्दिक बधाई दी। लोगों ने कहा कि आयुष ने न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे वारिसलीगंज, नवादा और बिहार का सम्मान बढ़ाया है। यह उपलब्धि जिले के हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने का संदेश देगी।
अपनी सफलता पर आयुष भलोटिया ने कहा कि यह उपलब्धि उनके माता-पिता के अटूट विश्वास, शिक्षकों के मार्गदर्शन और नियमित अध्ययन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य एक कुशल एवं संवेदनशील चिकित्सक बनकर समाज की सेवा करना है। आयुष की इस शानदार सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो छोटे शहरों के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकते हैं। वारिसलीगंज के लिए यह उपलब्धि गर्व का विषय है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का उज्ज्वल उदाहरण भी। वैसे वारिसलीगंज में ऐसा पहली बार हुआ जब यहां कोई डाक्टर बनेगा।
भईया जी की रिपोर्ट