-ककोलत में खुलेंगे होमस्टे, सरकार देगी 10 लाख तक की मदद
नवादा : जिले के पर्यटन क्षेत्रों को नई पहचान देने की दिशा में राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना शुरू की है। इसके तहत जिले के ककोलत जलप्रपात का चयन किया गया है। योजना अनुसार, ककोलत शीतल जलप्रपात के आसपास पांच किलोमीटर के दायरे में होमस्टे इकाईयां बनाई जाएगी जहां देश-विदेश से आने वाले पर्यटक होटलों के बजाय अपनी इच्छा अनुसार स्थानीय परिवार के घरों में बने होमस्टे में ठहर सकेंगे। पर्यटक नवादा खासकर ककोलत और इसके आसपास की समृद्ध संस्कृति, पारंपरिक खान-पान और आतिथ्य प्रेम भाव को समझ सकेंगे।
इससे स्थानीय लोगों को एक ओर जहां रोजगार मिलेगा वहीं स्वरोजगार के भी नए अवसर सृजित होंगे। ककोलत के पांच किमी. के दायरे की बात करें तो फिलहाल जिले के गोविंदपुर प्रखंड अंतर्गत थाली मोड़ से लेकर ककोलत तक के एरिया में इस तरह के होमस्टे बनाए जा सकते हैं। थाली के अलावा गरांडी, एकतारा, सुघड़ी, जयनगर, कबीर मठ के आसपास इस तरह के होमस्टे बनाए जा सकते हैं। हालांकि, इसके लिए अभी विस्तृत गाइडलाइन और निर्देश आना बाकी है। इसके लिए संबंधित इकाईयों की ओर से विभाग में आवेदन देना होगा। विभागीय मंजूरी के बाद इसे बनाने की अनुमति मिलेगी।
योजना को मजबूती देने में सरकार वित्तीय सहायता देगी। योजना के नियम व शर्तों के अनुसार, प्रत्येक होमस्टे के लिए अधिकतम कुल प्रोत्साहन राशि 10 लाख रुपए होगी। महिलाओं और 18 से 25 वर्ष के युवाओं को अतिरिक्त कुल एक लाख रुपये की विशेष सहायता दी जाएगी। स्वयं सहायता समूहों को भी इसका लाभ मिलेगा। योजना के क्रियान्वयन से नवादा, ककोलत की संस्कृति और यहां की विरासत के बारे में देश दुनिया के लोग और अच्छे से जान सकेंगे।
ककोलत काे ‘बिहार का कश्मीर’ कहा जाता है। गर्मी के दिनों में यहां हजारों पर्यटक हर दिन पहाड़ी की चोटी से गिरते ठंडे पहानी में स्नान कर खुद को तरोताजा महसूस करते हैं। ककोलत की मनोरम वादियां हर किसी का मन जीत लेती है। अगस्त 2024 में बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ककोलत में सैलानियों की सुविधाओं को लेकर हुए विकास कार्यों का लोकार्पण किया था। इसके बाद से यह और आकर्षक हो गया है। मार्च से अगस्त तक यहां लाखों पर्यटक पहुंचते है।
मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना के तहत नवादा में पर्यटन स्थल के रूप में ककोलत जलप्रपात का चयन किया गया है। इस संबंध में अभी विभागीय गाइडलाइन आना बाकी है। बिहार में चयनित हुए 29 जलाशयों को इको टूरिज्म के रूप में विकसित करने की योजना बनी है। इसमें जिले के तीन प्रमुख जलाशयों रजौली का फुलवरिया, गोविंदपुर स्थित कोल महादेव, रजौली स्थित जाब जलाशय का चयन किया गया है। इस बारे में जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी श्रेष्ठ कुमार कृष्ण ने बताया कि इसके लिए संबंधित इन्वेस्टर्स और सरकार दोनों के द्वारा जलाशयों का विकास किया जाएगा। इसके तहत वहां पर्यटकों से जुड़ी सभी तरह की सुविधाएं बहाल की जाएगी।
भईया जी की रिपोर्ट