नवादा : जिले में डिजिटल इंडिया के इस दौर में आम जनता तो दूर, अब जिम्मेदार सरकारी अधिकारी भी शातिर साइबर अपराधियों के सीधे निशाने पर आ गए हैं। अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि वे अब पुलिस प्रशासन और कानून व्यवस्था को भी खुली चुनौती दे रहे हैं। ताजा मामला नवादा से सामने आया है, जहां साइबर शातिरों ने एक कनीय अभियंता (जेई) के बैंक खाते में बड़ी सेंधमारी की है।
नवादा के रहने वाले लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) के कनीय अभियंता वीरेन्द्र कुमार इस बड़ी ठगी के शिकार हुए हैं। अपराधियों ने न सिर्फ चालाकी से उनके खाते से एक लाख रुपये उड़ा लिए, बल्कि पुलिस में शिकायत करने के बाद केस वापस लेने का दबाव बनाते हुए फोन और व्हाट्सएप पर सीधी धमकी भी डाली। इस दुस्साहस से सहमे पीड़ित इंजीनियर ने पुलिस से गुहार लगाई है।
नवादा के नेहालुचक के रहने वाले पीड़ित इंजीनियर वीरेन्द्र कुमार वर्तमान में मोतिहारी के चकिया प्रखंड में कार्यरत हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि ठगी का यह खेल 6 जुलाई की रात करीब 9.00 बजे शुरू हुआ। वे अपने घर पर थे, तभी उनके मोबाइल पर अचानक ताबड़तोड़ कई ओटीपी (OTP) गिरने लगे जिससे वे असमंजस में पड़ गए।
नवादा के पीड़ित इंजीनियर जब तक कुछ समझ पाते या बैंक को सूचित करते, अपराधियों ने उनके सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के खाते को खंगालना शुरू कर दिया था। 7 जुलाई की दोपहर तक शातिरों ने कुल सात बार में 99,998.11 रुपये उड़ा दिया। इसके बाद भी बदमाशों का मन नहीं भरा और अगले दिन तक विभिन्न किश्तों में कुल 1,00,000.21 रुपये की अवैध निकासी कर ली।
नवादा के इस मामले में खाते से गाढ़ी कमाई साफ होने के बाद पीड़ित ने सूझबूझ दिखाई और 9 जुलाई को भारत सरकार के राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर ‘1930’ पर अपनी शिकायत दर्ज करा दी। जैसे ही यह शिकायत सरकारी डिजिटल सिस्टम में दर्ज हुई, बैंक खातों के फ्रीज होने के डर से साइबर अपराधियों के पास तुरंत इसकी भनक पहुंच गई।
नवादा के इस कांड में शिकायत दर्ज होने के अगले ही दिन यानी 10 जुलाई को ठगों ने पीड़ित के मोबाइल पर दो अलग-अलग नंबरों से फोन खड़का दिया। फोन करने वाले ने रौबदार आवाज में कहा कि मैं आपका पूरा पैसा वापस कर दूंगा, आप बस साइबर क्राइम से अपनी कम्प्लेन वापस ले लीजिए। इंजीनियर ने जब बात अनसुना की, तो शातिरों ने व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर दबाव बनाया।
नवादा जिला पुलिस ने अपराधियों के इस खुले चैलेंज के बाद पीड़ित कनीय अभियंता के आवेदन पर त्वरित कार्रवाई की है। साइबर थाना पुलिस ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। इस हाईप्रोफाइल मामले में नए कानून भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत एक औपचारिक कांड दर्ज कर लिया गया है।नवादा साइबर थाने के तेजतर्रार सब-इंस्पेक्टर आनंद पासवान को इस हाईप्रोफाइल केस का अनुसंधान अधिकारी बनाया गया है। पुलिस की विशेष टीम अब उन दोनों मोबाइल नंबरों की वैज्ञानिक तरीके से लोकेशन ट्रेस करने और उस बैंक खाते व यूपीआई ट्रांजैक्शन की हिस्ट्री खंगालने में जुट गई है, जहां यह पूरी रकम ट्रांसफर की गई है।
भईया जी की रिपोर्ट