नवादा : जिले में पीडीएस सिस्टम में भारी झोल है। एक आंख में काजल, एक आंख में सुरमा ” वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। जिले के बहुचर्चित आरटीआई कार्यकर्ता प्रणव कुमार चर्चिल को रजौली प्रखंड क्षेत्र के अमांवा पूर्वी पंचायत पीडीएस विक्रेता योगेन्द्र पासवान के फर्जी अनुज्ञप्ति मामले में भले ही लम्बी लड़ाई लड़नी पड़ रही है लेकिन सिरदला प्रखंड क्षेत्र के बड़गांव पंचायत अमोखरी पीडीएस विक्रेता विरेन्द्र सिंह द्वारा अंत्योदय राशन कार्ड में अपने ही परिवार की पत्नी समेत कई लोगों के नाम राशन कार्ड बनवा कर सैकड़ों क्विंटल खाद्यान्न का उठाव का मुद्दा उठाया था। मामले को रजौली एसडीएम ने गंभीरता से लिया तथा स्पष्टीकरण की मांग की।
स्पष्टीकरण के जबाव में विक्रेता विरेन्द्र सिंह ने अधिकारियों पर ही फर्जी राशन कार्ड निर्गत कर प्रतिमाह करोड़ों का खाद्यान्न गवन करने का मामला उठाते हुए एसडीएम से जबाव मांग दुस्साहस का परिचय दिया बल्कि उच्च न्यायालय जाने तक की चेतावनी दे डाली। मामले को जिले के वरीय पत्रकार ” भैया जी” ने गंभीरता से उठाया जा जिले में चर्चा का विषय बन गया। परिणाम यह हुआ कि रजौली एसडीएम स्वतंत्र कुमार सुमन ने अनुज्ञप्ति को तत्काल प्रभाव से रद्द कर सूचना जिला आपूर्ति अधिकारी से लेकर संबंधित को उपलब्ध कराई है। अब सबसे बड़ा सवाल जब विरेन्द्र सिंह की अनुज्ञप्ति रद्द हुई तब योगेन्द्र पासवान के मामले में मौन क्यों?
भईया जी की रिपोर्ट