पटना कोचिंग विवाद में हुई फायरिंग के केस में खान सर की गिरफ्तारी पर रोक जारी रहेगी, लेकिन उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर अब 3 जुलाई 2026 को अगली सुनवाई होगी। आज मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान पटना सिविल कोर्ट ने खान सर के दो निजी सुरक्षा गार्डों के पास मौजूद हथियारों के लाइसेंस की वैधता पर सख्ती दिखाते हुए उनके हथियारों के दस्तावेज़ कोर्ट में जमा करने का निर्देश दिया। अदालत में बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि हथियार का लाइसेंस है और कागजात फिलहाल पुलिस ने जब्त कर लिए हैं। इसपर अदालत ने केस के आईओ को लोक अभियोजक से हथियार के कागजात मांगे हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने अगली सुनवाई तक खान सर की गिरफ़्तारी पर लगी अंतरिम रोक को भी बरकरार रखा।
इस केस में पुलिस ने उनके बॉडीगार्ड के हथियार को अवैध होने का दावा किया है।इस पर कोर्ट ने हथियार से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज पेश करने के लिए समय देते हुए मामले की सुनवाई आगे बढ़ा दी। दरअसल, कोर्ट में आज की बहस खान सर के बॉडीगार्ड के हथियार पर ही केंद्रित थी। लोक अभियोजक राजेश कुमार ने कहा कि खान सर के गार्ड तालेश्वर सिंह उर्फ तालेबर सिंह के हथियार का परमिट सिर्फ यूपी के लिए है। वहीं प्रदीप को हथियार आत्मरक्षा के लिए मिला है। इन हथियारों को एजेंसी के माध्यम से इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि इन हथियारों को लोकल थाने को सूचना देने के बाद ही रखा जा सकता है। खान सर ने स्थानीय थाने को सूचना नहीं दी है। गार्ड पर अवैध हथियार से फायरिंग का मामला बनता है। खान सर के कहने पर ही उन्होंने फायरिंग की थी। इसलिए उन्हें जमानत नहीं मिलनी चाहिए।
कोर्ट ने हथियारों से जुड़े दस्तावेज पेश करने का आदेश देते हुए मामले की अगली सुनवाई 3 जुलाई को मुकर्रर कर दी।
विदित हो कि पटना सिविल कोर्ट में खान सर और रोशन आनंद के बीच कोचिंंग को लेकर कानूनी विवाद पर सुनवाई चल रही है। मामले में जहां रोशन आनंद की तरफ से जुड़े दो साथियों को जमानत मिल गई, वहीं पुलिस केस डायरी अधूरी होने के कारण कोर्ट ने खान सर की अग्रिम ज़मानत याचिका पर विचार टाल दिया है। जिला और सत्र न्यायाधीश ने गौरव कुमार और अभिषेक कुमार को बिना किसी शर्त के जमानत दे दी, जो रोशन आनंद गुट से जुड़े हैं। इस आदेश के बाद दोनों को बेउर जेल से रिहा करने के लिए ज़मानत बॉन्ड भरने और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जबकि खान सर की अग्रिम ज़मानत याचिका या उनके दो निजी सुरक्षा गार्डों की नियमित ज़मानत याचिकाओं पर कोई अंतिम निर्णय नहीं ले सका।