मधुबनी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-03 पर खड़ी साप्ताहिक ट्रेन जयनगर-उधना एक्सप्रेस में आज गुरुवार को भीषण आग लग गई। देखते ही देखते ट्रेन की 2 बोगियां पूरी तरह जलकर राख हो गईं, जबकि एक अन्य बोगी को भी नुकसान पहुंचा है। यह तो गनीमत रही कि साप्ताहिक ट्रेन होने के कारण इसमें कोई सवार नहीं था और पूरी ट्रेन हादसे के वक्त खाली थी जिससे कोई हताहत नहीं हुआ। जानकारी के अनुसार उधना से आने के बाद यह ट्रेन साफ—सफाई के लिए मधुबनी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-03 पर पिछले दो-तीन दिनों से खड़ी थी। इसीबीच आज गुरुवार की सुबह इस गाड़ी संख्या 22563 जयनगर-उधना एक्सप्रेस के एक कोच में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि देखते ही देखते ऊंची-ऊंची लपटें और धुएं का काला गुबार आसमान की तरफ उठने लगा जिससे स्टेशन परिसर और रेल यात्रियों में भारी हड़कंप और अफरातफरी मच गई।
आज जयनगर से उधना जाने वाली थी ट्रेन
गनीमत यह रही कि ट्रेन पूरी तरह खाली थी, जिसके कारण इस बड़े हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। रेलवे की तरफ से बताया गया कि जयनगर-उधना एक्सप्रेस एक साप्ताहिक ट्रेन है, जो जयनगर स्टेशन पर वॉशिंग पिट्स और रेलवे लाइनों की कमी के कारण सोमवार से ही मधुबनी स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर खड़ी थी। इस ट्रेन को गुरुवार को उधना (गुजरात) के लिए रवाना होना था। लेकिन गुरुवार की सुबह अचानक ट्रेन के एक कोच से काला धुंआ निकलता हुआ दिखाई दिया। ट्रेन के कोच से आग की लपटें उठती देख, यात्रियों ने तुरंत रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्टेशन मास्टर को सूचित किया।
दमकल ने एक घंटे में आग पर पाया काबू
आग लगते ही रेलवे कर्मियों ने बिना समय गंवाए इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी। अग्निशमन विभाग की 8 से 10 गाड़ियां एक-एक कर मौके पर पहुंचीं और रेलवे स्टाफ के साथ मिलकर करीब एक घंटे में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। हालांकि तब तक ट्रेन की 2 बोगियों का अधिकांश हिस्सा जलकर पूरी तरह राख हो चुका था। बोगी में आग लगने की मुख्य वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हालांकि इस तरह ट्रेन में आग लगने की घटना को रेलवे प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। हादसे की सूचना मिलते ही समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा खुद सुबह ही स्पेशल ट्रेन से अधिकारियों की टीम के साथ मधुबनी रेलवे स्टेशन पहुंच गए। डीआरएम के साथ कमांडेंट आशीष कुमार समेत कई वरीय रेलवे अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया।