-प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ने आरटीआई कार्यकर्ता के आरोपों की की पुष्टि
-पीडीएस विक्रेता व डाटा इंट्री आपरेटर पर कार्रवाई की अनुसंशा
नवादा : कहते हैं ” सच्चाई छुप नहीं सकती बनावट के उसूलों से, खूश्वू आ नहीं सकती कभी कागज के फूलों से। रजौली प्रखंड अमावां पंचायत पीडीएस विक्रेता योगेन्द्र पासवान को जिला प्रशासन आरोपों की तीन सदस्यीय जांच कमिटी द्वारा पुष्टि के बावजूद अबतक लाख बचाने का प्रयास कर रही हो बावजूद एक नया मामला फिर सिरदला का सामने आ गया है। जिले के बहुचर्चित आरटीआई कार्यकर्ता प्रणव कुमार चर्चिल द्वारा सिरदला प्रखंड बड़गांव पीडीएस विक्रेता विरेन्द्र सिंह द्वारा अंत्योदय कार्ड में फर्जीवाड़ा मामले का पर्दाफाश किया है।
पीडीएस विक्रेता ने न केवल दूसरे के अंत्योदय राशन कार्ड अपने बल्कि अपने बेटे-बेटियों के नाम डाटा इंट्री आपरेटर की मिलीभगत से करा वर्षों से खाद्यान्न का उठाव करता रहा।जाहिर है जब फर्जीवाड़ा का बड़ा साक्ष्य के साथ मामला आया जिसकी धमक राज्य खाद्य आपूर्ति सचिव तक पहुंच गई तब तो जांच होनी ही थी। सो जांच की जिम्मेदारी सिरदला प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी को सौंप दी गयी। आपूर्ति पदाधिकारी ने न केवल मामले की जांच की बल्कि संबंधित विक्रेता का बयान लिखित के साथ कलमबंद किया।
जांचोपरांत आरोपों की न केवल पुष्टि हुई बल्कि गंभीर फर्जीवाड़ा सामने आया। ऐसे में भला वे जोखिम क्यों उठाते हो उन्होंने अपना जांच प्रतिवेदन समाहर्ता समेत तमाम अधिकारियों को भेज विक्रेता समेत डाटा इंट्री आपरेटर के विरुद्ध कार्रवाई की अनुसंशा की है। जी हां! ऐसा मैं नहीं बल्कि आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा भेजे गए जांच प्रतिवेदन कह रहा है। अब एक बार फिर निगाहें जिला प्रशासन की कार्यशैली पर टिक गयी है। कार्रवाई होती है या फिर हश्र कहीं योगेन्द्र पासवान वाला तो नहीं? जैसा की इसके पूर्व देखा जा रहा है।
भईया जी की रिपोर्ट