नवादा : नगर के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के केंदुआ स्थित धर्मशिला देवी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल पर चिकित्सीय लापरवाही के गंभीर आरोप अब प्राथमिकी तक पहुंच गए हैं। 1 अप्रैल को मुफ्फसिल थाना में कांड संख्या 119/26 के तहत अस्पताल प्रबंधन के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। गुरुवार को जिला प्रशासन द्वारा गठित मेडिकल जांच टीम ने शिकायतकर्ता पूर्व श्रम राज्यमंत्री राजबल्लभ प्रसाद यादव का बयान दर्ज किया।
टीम ने उनके पुत्र स्वर्गीय अखिलेश कुमार की मौत से जुड़ी सभी परिस्थितियों की जानकारी ली तथा इलाज के दौरान मौजूद लोगों के बयान भी मौके पर दर्ज किए। जिला पदाधिकारी के निर्देश पर अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आफताब कलीम के नेतृत्व में गठित जांच टीम की रिपोर्ट में अस्पताल की लापरवाही प्रथम दृष्टया सही पाई गई है। जांच में सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों से यह स्पष्ट हुआ कि अस्पताल में कोई विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद नहीं था, इसके बावजूद गंभीर रूप से घायल मरीज को घंटों तक वहीं रोके रखा गया।
शिकायतकर्ता राजबल्लभ प्रसाद यादव ने कहा कि उनका बेटा अब वापस नहीं आ सकता, लेकिन किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी न झेलनी पड़े, इसके लिए वे यह लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से दोषी अस्पतालों और चिकित्साकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ज्ञात हो कि 19 मार्च को एक थार वाहन के पेड़ से टकराने से घायल चालक अखिलेश कुमार को उक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
आरोप है कि अस्पताल में चिकित्सक के अभाव के बावजूद मरीज को करीब सात घंटे तक बिना समुचित इलाज के रखा गया। हालत बिगड़ने पर उसे पटना रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो गई। मेडिकल जांच टीम ने भी अपनी रिपोर्ट में अस्पताल की लापरवाही को अखिलेश की मौत का कारण माना है। मामले में अनुसंधान तेज होने के बाद पीड़ित परिवार ने जिला एवं पुलिस प्रशासन पर भरोसा जताया है कि उन्हें न्याय मिलेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भईया जी की रिपोर्ट