– लोकप्रिय ब्रांड के नाम पर हो रहा था सेहत से खिलवाड़
नवादा : जिले में औषधि विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में हजारों की संख्या में नकली दवाएं, खाली रैपर और पैकिंग सामग्री जब्त की गई । चौंकाने वाली बात यह है कि इन नकली दवाओं पर देश की जानी-मानी दवा कंपनियों के नाम और ब्रांडिंग की गई थी, जिससे आम मरीजों को धोखा दिया जा सके।
छापेमारी जिले के अलग-अलग ठिकानों पर की गई, जहां से दर्द निवारक, एंटीबायोटिक, बुखार और पेट की दवाओं जैसी नकली दवाएं मिलीं। शुरुआती जांच में आशंका है कि ये दवाएं स्थानीय बाजारों और ग्रामीण इलाकों में सप्लाई की जा रही थीं।
जांच में क्या आया सामने
बड़ी मात्रा में नकली टैबलेट, सिरप और कैप्सूल, ब्रांडेड कंपनियों जैसे दिखने वाले रैपर और पैकेजिंग मशीनरी, बिना लाइसेंस और मानकों के दवाओं का निर्माण, मरीजों की जान को सीधा खतरा। क्यों है मामला बेहद गंभीर?
नकली दवाएं
बीमारी ठीक करने के बजाय हालत और बिगाड़ सकती हैं।एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस बढ़ाती हैं। गरीब और ग्रामीण मरीज सबसे ज्यादा शिकार बनते हैं।
भईया जी की रिपोर्ट