राजधानी पटना की न्याय व्यवस्था एक बार फिर दहशत में है। पटना सिविल कोर्ट को गुरुवार को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली है। 9 और 11 फरवरी के ईमेल के बाद अब आज 12 फरवरी को धमकी वाला एक नया ईमेल मिला है जिसने पुलिस.प्रशासन की नींद हराम कर दी है। मैसेज मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आईं और एहतियात के तौर पर कोर्ट परिसर को खाली कराया गया। पीरबहोर थाने से एक पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे परिसर को घेर लिया। बम स्क्वॉड को अलर्ट किया गया है और पूरी तलाशी ली जा रही है। अदालत परिसर में लोगों के आने-जाने पर भी रोक लगा दी गई है।
कोर्ट को बार-बार मिल रही धमकियां
पटना सिविल कोर्ट को बार-बार बम की धमकी मिल रही है। पिछले 5 दिनों में तीन बार और इस साल अब तक कोर्ट को सात या आठ बार बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। बार-बार मिल रही इन धमकियों से न केवल वकीलों और जजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है, बल्कि न्यायिक काम में भी रुकावट आ रही है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक तलाशी पूरी नहीं हो जाती, तब तक सामान्य कामकाज फिर से शुरू करना जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए, फिलहाल कोर्ट परिसर में आम लोगों की एंट्री पर रोक है।
पूरी बिल्डिंग को उड़ाने का किया दावा
ताजा ईमेल में दावा किया गया है कि पटना सिविल कोर्ट परिसर में पांच बम लगाए गए हैं और पूरी बिल्डिंग को उड़ा दिया जाएगा। इस जानकारी के तुरंत बाद, पीरबहोर पुलिस स्टेशन, डॉग स्क्वायड और बम डिस्पोजल स्क्वायड ने पूरे परिसर को घेर लिया और एहतियात के तौर पर कोर्ट परिसर को खाली करा लिया गया। उधर सिक्योरिटी एजेंसियां और साइबर सेल अब तक इस रहस्य को पूरी तरह से सुलझाने में नाकाम रही हैं कि आखिर ये धमकियां कौन दे रहा है? हालांकि अब तक की जांच में कुछ चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। नई धमकियां [email protected] नाम की ईमेल ID से भेजी गई हैं। इससे पहले, [email protected] का भी इस्तेमाल धमकी देने में किया गया था। इसमें ईमेल भेजने वाले ने खुद को बैन संगठन LTTE का पुराना सदस्य बताया और “पाकिस्तान-कनमोझी जिन्दाबाद” जैसे भड़काऊ नारे लिखे थे। इसमें तमिलनाडु के कुछ पुलिस अधिकारियों के प्रति नाराजगी और कश्मीरी अलगाववादियों के प्रति समर्थन भी जताया गया था।
पूर्णिया MP पप्पू यादव की पेशी पर सस्पेंस
पटना SSP कार्तिकेय शर्मा के अनुसार, ATS और साइबर सेल की टीमें ईमेल के IP एड्रेस को ट्रैक कर रही हैं। माइक्रोसॉफ्ट से जानकारी मांगी गई है, लेकिन विदेशी सर्वर या डार्क वेब के इस्तेमाल से पहचान में देरी हो रही है। खबर है कि इन धमकियों का न्यायिक कार्यवाही पर बड़ा असर पड़ रहा है। पूर्णिया के MP पप्पू यादव को आज (12 फरवरी) कोर्ट में पेश होना था, लेकिन सिक्योरिटी चेक के कारण अब यह अनिश्चित है। पप्पू यादव की बेल की सुनवाई पहले भी इसी तरह की धमकियों के कारण टाल दी गई थी। उनके वकील शिवनंदन भारती ने गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि उनके क्लाइंट को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है और सुरक्षा के नाम पर न्यायिक प्रक्रिया को तमाशा बना दिया गया है।