By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Swatva Samachar
Notification
  • Home
  • देश-विदेश
  • राज्य
  • राजपाट
  • खेल-कूद
  • मनोरंजन
  • अपराध
  • अर्थ
  • अवसर
  • आप्रवासी मंच
    • बिहारी समाज
  • मंथन
  • वायरल
  • विचार
  • शिक्षा
  • संस्कृति
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो
  • E-Magazine
Font ResizerAa
Swatva SamacharSwatva Samachar
  • देश-विदेश
  • राजपाट
  • खेल-कूद
  • मनोरंजन
  • अपराध
  • अर्थ
  • अवसर
  • आप्रवासी मंच
  • बिहारी समाज
  • मंथन
  • वायरल
  • विचार
  • शिक्षा
  • संस्कृति
  • स्वास्थ्य
Search
  • About us
  • Advertisement
  • Editorial Policy
  • Grievance Report
  • Privacy Policy
  • Terms of use
  • Feedback
  • Contact us
Follow US
देश-विदेश

चिरांद को तत्काल राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया जाए: ई. सच्चिदानंद राय

इसका कारण यह नहीं है कि चिरांद का महत्व कम है, बल्कि कारण यह है कि इसे लेकर राष्ट्रीय स्तर का गंभीर शोध, संरक्षण और प्रचार नहीं हो पाया। 1961 में बिहार पुरातत्व निदेशालय द्वारा यहाँ उत्खनन आरंभ किया गया। 1972-73 तक यह स्पष्ट हो गया कि चिरांद के गर्भ में एक अत्यंत समृद्ध और सुविकसित नवपाषाण युगीन सभ्यता के अवशेष मौजूद हैं।

Prashant Ranjan
Last updated: February 10, 2026 6:51 pm
By Prashant Ranjan 133 Views
Share
6 Min Read
बिहार विधान परिषद् में संकल्प प्रस्तुत करते ई. सच्चिदानंद राय
SHARE
पटना: बिहार विधान परिषद् में मंगलवार को एमएलसी ई. सच्चिदानंद राय ने गैर सरकारी संकल्प के माध्यम से पुरातात्विक स्थल चिरांद को राष्ट्रीय धरोहर घोषणा करने की मांग की। सदन में उन्होंने संकल्प रखते हुए कहा कि वे आज इस गरिमामयी सदन के माध्यम से बिहार ही नहीं, बल्कि भारत की सभ्यता, संस्कृति और ऐतिहासिक चेतना से जुड़े एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराना चाहते हैं। वे बात कर रहे हैं सारण जिले के चिरांद की— जिसे अब समय आ गया है कि राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया जाए।
उन्होंने कहा कि वाल्मीकि कृत रामायण भारत का केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि वह भारत के इतिहास और भूगोल का भी एक सशक्त साहित्यिक स्रोत है। रामायण के बालकाण्ड के 23वें सर्ग में महर्षि विश्वामित्र के साथ भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के उस स्थान पर पहुँचने का विस्तार से वर्णन मिलता है, जहाँ सरयू और त्रिपथगा गंगा का संगम होता है और जहाँ उन्होंने रात्रि विश्राम किया। यही स्थल आज चिरांद के नाम से जाना जाता है। इस प्रकार चिरांद, भगवान श्रीराम की प्रथम अभ्युदय यात्रा का पहला पड़ाव है। बहुत कम लोग यह जानते हैं कि बिहार की धरती पर तीन महान नदियों का साक्षात संगम है। यह क्षेत्र अपने आप में प्रयागराज की तरह एक त्रिवेणी है। फिर भी यह परम तीर्थ आज भी उपेक्षा और गुमनामी का शिकार है।
इसका कारण यह नहीं है कि चिरांद का महत्व कम है, बल्कि कारण यह है कि इसे लेकर राष्ट्रीय स्तर का गंभीर शोध, संरक्षण और प्रचार नहीं हो पाया। 1961 में बिहार पुरातत्व निदेशालय द्वारा यहाँ उत्खनन आरंभ किया गया। 1972-73 तक यह स्पष्ट हो गया कि चिरांद के गर्भ में एक अत्यंत समृद्ध और सुविकसित नवपाषाण युगीन सभ्यता के अवशेष मौजूद हैं। इस खोज ने इतिहास की स्थापित धारणाओं को बदल दिया और सिद्ध कर दिया कि भारत की प्राचीन कृषि एवं सभ्यता का विकास गंगा के तटों पर ही हुआ था।
कुछ कालखंडों में भगवान श्रीराम को केवल “कवि की कल्पना” बताने का प्रयास किया गया। लेकिन, चिरांद की खुदाई से प्राप्त साक्ष्य यह प्रमाणित करते हैं कि इस क्षेत्र में कृषि, जल-प्रबंधन और ऋषि संस्कृति हजारों वर्ष पहले ही अत्यंत उन्नत अवस्था में थी। करीब सात-आठ हजार वर्षों से यहाँ निरंतर मानव बसावट के प्रमाण मिलते हैं। नदियों के जल का संरक्षण और प्रबंधन यहाँ के निवासियों को ज्ञात था।
इस दृष्टि से चिरांद सतत विकास के अध्ययन का भी एक जीवंत प्रयोगशाला है।
उन्होंने कहा कि पिछले पंद्रह वर्षों से चिरांद विकास परिषद इस क्षेत्र के गौरवशाली अतीत को सामने लाने का प्रयास कर रही है। मैंने स्वयं इस सदन में इसके संरक्षण और विकास को लेकर सरकार से प्रश्न किया है। कुछ कार्य हुए भी हैं, लेकिन यह स्वीकार करना होगा कि यह प्रयास अपर्याप्त हैं। यह अत्यंत हर्ष की बात है कि जयप्रकाश विश्वविद्यालय ने अब इस महत्वपूर्ण पुरातात्विक केंद्र को लेकर अकादमिक विमर्श आरंभ किया है। किंतु इस स्थल का समग्र विकास राष्ट्रीय स्तर के हस्तक्षेप के बिना संभव नहीं है।
उन्होंने सदन के माध्यम से सरकार से निम्नलिखित मांगें की:
  1. चिरांद को तत्काल “राष्ट्रीय धरोहर” घोषित किया जाए।
  2. इसे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षण में लिया जाए।
  3. यहाँ एक राष्ट्रीय स्तर का संग्रहालय और शोध केंद्र स्थापित किया जाए।
  4. चिरांद को रामायण सर्किट और राष्ट्रीय सांस्कृतिक पर्यटन मानचित्र में शामिल किया जाए।
  5. इसके संरक्षण, विकास और प्रचार के लिए केंद्र सरकार से विशेष पैकेज प्राप्त किया जाए।
बिंदुवार मांगें रखने के बाद ई. राय ने सदन में कहा कि कहा कि बिहार की धरती ने विश्व को बुद्ध दिया, महावीर दिया, नालंदा दिया। अब समय आ गया है कि बिहार चिरांद के माध्यम से भारत को उसकी रामायणकालीन स्मृति, नवपाषाण सभ्यता, और त्रिवेणी संगम की विरासत भी सौंपे। चिरांद को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करना केवल बिहार की मांग नहीं है, यह भारत की सांस्कृतिक आत्मा के सम्मान का प्रश्न है। इसलिए वे सरकार से आग्रह करते हैं कि इस ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व के विषय पर शीघ्र ठोस निर्णय लिया जाए।
ई. सच्चिदानंद राय के गैर सरकारी संकल्प पर जवाब देते हुए कला व संस्कृति मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि बिहार प्राचीन स्मारक और पुरातात्विक स्थल, अवशेष और कला निधि अधिनियम, 1976 के प्रावधानों के अंतर्गत सारण जिला स्थित चिरांद बिहार सरकार द्वारा अधिसूचित पुरातात्विक स्थल स्मारक है। इसकी पहचान विशाल, विस्तृत एवं उन्नत टिले के कारण है। यहां प्राचीन मानवीय अधिवास एवं संरचनात्मक प्रध्वंस बहुलता से पाए जाते हैं। इसका कालखंड प्रगैतिहासिक काल से ऐतिहासिक व प्ररंभिक मध्यकाल तक है।
TAGGED: Bihar legislative council, Chirand, Sachchidanand Rai
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp LinkedIn Telegram Copy Link
Did like the post ?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Dead0
Wink0
By Prashant Ranjan
Follow:
Hello, I am prashant Ranjan
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

You must be logged in to post a comment.

हमने पुरानी ख़बरों को आर्काइव में डाल दिया है, पुरानी खबरों को पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक कर। Read old news on Archive

Live News

- Advertisement -

Latest News

सदन में भारी हंगामा, विपक्ष पूरे दिन के लिए निष्कासित, तेजस्वी का सीएम नीतीश पर तीखा हमला
बिहारी समाज
पनोरमा ग्रुप के ठिकानों पर छापेमारी से हड़कंप, सुपौल से पूर्णिया तक दबिश
बिहारी समाज
पप्पू यादव, गिरफ्तार, मकान कब्जा, पीएमसीएच, 1995, केस, पूर्णिया, सांसद, गर्दनीबाग
31 साल पुराने मामले में पप्पू यादव को मिली जमानत, जल्द रिहाई
बिहारी समाज
15 फरवरी से व्यवहार न्यायालय के पास महिला अधिवक्ता करेगी आमरण अनशन 
बिहारी समाज
- Advertisement -

Like us on facebook

Subscribe our Channel

Popular Post

सदन में भारी हंगामा, विपक्ष पूरे दिन के लिए निष्कासित, तेजस्वी का सीएम नीतीश पर तीखा हमला
बिहारी समाज
पनोरमा ग्रुप के ठिकानों पर छापेमारी से हड़कंप, सुपौल से पूर्णिया तक दबिश
बिहारी समाज
पप्पू यादव, गिरफ्तार, मकान कब्जा, पीएमसीएच, 1995, केस, पूर्णिया, सांसद, गर्दनीबाग
31 साल पुराने मामले में पप्पू यादव को मिली जमानत, जल्द रिहाई
बिहारी समाज
15 फरवरी से व्यवहार न्यायालय के पास महिला अधिवक्ता करेगी आमरण अनशन 
बिहारी समाज
- Advertisement -
- Advertisement -

Related Stories

Uncover the stories that related to the post!
बिहारी समाज

सदन में भारी हंगामा, विपक्ष पूरे दिन के लिए निष्कासित, तेजस्वी का सीएम नीतीश पर तीखा हमला

पटना : बिहार विधानमंडल के बजट सत्र का मंगलवार का दिन हंगामे…

By Swatva
बिहारी समाज

पनोरमा ग्रुप के ठिकानों पर छापेमारी से हड़कंप, सुपौल से पूर्णिया तक दबिश

सुपौल/पूर्णिया : बिहार के चर्चित पनोरमा ग्रुप के ठिकानों पर मंगलवार की…

By Swatva
पप्पू यादव, गिरफ्तार, मकान कब्जा, पीएमसीएच, 1995, केस, पूर्णिया, सांसद, गर्दनीबाग
बिहारी समाज

31 साल पुराने मामले में पप्पू यादव को मिली जमानत, जल्द रिहाई

पटना : पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के समर्थकों…

By Swatva

15 फरवरी से व्यवहार न्यायालय के पास महिला अधिवक्ता करेगी आमरण अनशन 

नवादा : नवादा अनुसूचित जाति/जन जाति थाना कांड संख्या-09/26 में रहे नामजद अभियुक्तों…

By Swatva
Show More
- Advertisement -

About us

पत्रकारों द्वारा प्रामाणिक पत्रकारिता हमारा लक्ष्य | लोकचेतना जागरण से लोकसत्ता के सामर्थ्य को स्थापित करना हमारा ध्येय | सूचना के साथ, ज्ञान के लिए, गरिमा से युक्त |

Contact us: [email protected]

Facebook Twitter Youtube Whatsapp
Company
  • About us
  • Feedback
  • Advertisement
  • Contact us
More Info
  • Editorial Policy
  • Grievance Report
  • Privacy Policy
  • Terms of use

Sign Up For Free

Subscribe to our newsletter and don't miss out on our programs, webinars and trainings.

[mc4wp_form]

©. 2020-2024. Swatva Samachar. All Rights Reserved.

Website Designed by Cotlas.

adbanner
AdBlock Detected
Our site is an advertising supported site. Please whitelist to support our site.
Okay, I'll Whitelist
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?