पटना : बिहार विधानमंडल के बजट सत्र का मंगलवार का दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। प्रदेश में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष के कड़े तेवरों के कारण सदन की कार्यवाही बाधित हुई, जिसके बाद विधान परिषद से विपक्ष के सदस्यों को पूरे दिन के लिए बाहर कर दिया गया। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोला है।
सदन के बाहर मीडिया से बात करते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सीधा हमला बोला। तेजस्वी ने कहा कि बिहार में छोटी बच्चियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। नीट (NEET) और दरभंगा के मामलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब राबड़ी देवी और विपक्ष ने इन पर सवाल उठाए, तो सरकार ने जवाब देने के बजाय अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया।
वहीँ, मुख्यमंत्री की मानसिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए तेजस्वी ने कहा कि “उम्र बढ़ने के साथ बीमारियां बढ़ती हैं। उन्हें डिमेंशिया (भूलने की बीमारी) है, इसीलिए वे इलाज के लिए विदेश भी गए थे।” वे अब स्वतंत्र नहीं हैं। सदन में मुख्यमंत्री का माइक बंद कर दिया जाता है, पीछे बैठे लोग उन्हें गाइड करते हैं कि कब बोलना है और कब नहीं। यह दिखाता है कि मुख्यमंत्री बहुत कमजोर हो गए हैं।”
तेजस्वी यादव के आरोपों पर सत्तारूढ़ जेडीयू ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट कर राजद और तेजस्वी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने लिखा कि “जिसने बिहार को लूटा, हजारों करोड़ के घोटाले किए और नौकरी के नाम पर जमीनें लिखवाईं, वे आज बिहार के नायक (नीतीश कुमार) को गाली दे रहे हैं। जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी।” जेडीयू ने अपने पोस्ट में पुराने कांडों का जिक्र करते हुए विपक्ष को घेरने की कोशिश की।
मंगलवार को विधान परिषद में स्थिति उस समय अनियंत्रित हो गई जब विपक्ष ने सरकार विरोधी नारेबाजी शुरू कर दी। सभापति ने सदन की गरिमा और कार्यवाही में बाधा डालने का हवाला देते हुए विपक्ष के सभी सदस्यों को आज भर के लिए सदन से निष्कासित कर दिया। बजट सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच की यह तल्खी साफ बताती है कि आने वाले दिनों में सदन के भीतर कानून-व्यवस्था और व्यक्तिगत छींटाकशी का दौर और तेज होने वाला है।