पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को बीती देर रात पटना पुलिस ने उनके मंदिरी स्थित आवास से एक 31 साल पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया। सांसद पर दर्ज यह मामला 1995 का है जिसमें पप्पू यादव पर एक मकान कब्जाने को लेकर विभिन्न आपराधिक धाराओं के आरोप लगे हैं। हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद हुई सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए आईजीआईएमएस ले जाया गया। वहां तबीयत बिगड़ने के बाद अब उन्हें पीएमसीएच शिफ्ट कर दिया गया है। सांसद पप्पू यादव को सिर दर्द और धड़कन बढ़ने की शिकायत है। इस बीच पप्पू की गिरफ्तारी के विरोध में आज शनिवार की सुबह उनके समर्थकों ने आरा में मुख्यमंत्री नीतीश और गृहमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला फूंका और प्रदर्शन किया। खबर है कि आज ही पप्पू यादव को कोर्ट में पेश किया जा सकता है।
गर्दनीबाग में मकान कब्जाने का आरोप
जानकाकरी के अनुसार पप्पू यादव पर दर्ज 31 साल पुराना यह मामला राजधानी पटना के गर्दनीबाग थाने का है। इसमें लगे आरोप पुरानी भारतीय दंड संहिता के तहत थे जो अब नई बीएनएस एक्ट के अंतर्गत ट्रांस्फर हो गए। इन आरोपों में धारा 419, 420, 468, 448, 506 और 120 बी शामिल हैं। अदालत में सुनवाई के दौरान सांसद की लगातार गैरहाजिरी दर्ज की गई थी जिसके बाद कोर्ट ने उनके खिलाफ वारंट जारी कर दिया था। पप्पू यादव ने गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रेरित कार्रवाई बताया। उन्होंने एक्स (X) पर लिखा कि नीट छात्रा की न्याय की लड़ाई में उनकी सक्रियता बिहार पुलिस को नागवार लगी। उन्होंने कहा कि चाहे जेल भेजो या फांसी दो, पप्पू रुकेगा नहीं।
अदालत में पेश न होने पर वारंट जारी
बताया जाता है कि गिरफ्तारी के दौरान पप्पू को चोट लगी जिस कारण उनके सिर में दर्द है। साथ ही वे धड़कन बढ़ने की भी शिकायत कर रहे हैं। फिलहाल डॉक्टरों की टीम उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है और आज ही उन्हें कोर्ट में पेश किए जाने की संभावना है। इधर पीएमसीएच में मेडिकल जांच पूरी होने के बाद पप्पू यादव को आज शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। कोर्ट में पेशी के दौरान मामले की आगे की सुनवाई होगी और न्यायिक प्रक्रिया के तहत उनकी गिरफ्तारी या जमानत पर निर्णय लिया जाएगा। दूसरी तरफ सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद बिहार का सियासी तापमान बढ़ गया। पप्पू समर्थक इसे राजनीतिक दबाव में उठाया गया कदम मान रहे हैं। उनका कहना है कि नीट छात्रा कांड में पप्पू यादव के लगातार प्रशासन और सरकार पर सवाल उठाने तथा विरोध प्रदर्शन करने की वजह से उनकी गिरफ्तारी की गई है।