अरवल – तत्कालीन जिला प्रबंधक अमरेंद्र कुमार श्रीवास्तव का अग्रीम ज़मानतआवेदनपत्र स्वीकृत नहीं किया गया। निचली अदालत में समर्पण करने का निर्देश दिया गया है। परिवाद संख्या 262/2024 के परिवादी के विद्वान अधिवक्ता रंजय कुमार ने बताया कि इस केस के अभियुक्त तत्कालीन जिला प्रबंधक, अमरेंद्र कुमार श्रीवास्तव के द्वारा विद्वान प्रधान, जिला एवं सत्र, न्यायाधीश, जहानाबाद के समक्ष अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल किया गया जो विद्वान प्रधान जिला एवं सत्र, न्यायाधीश ने ज़मानत पर सुनवाई के लिए विद्वान जिला एवं अपर सत्र, न्यायाधीश, अरवल के न्यायालय में प्रेषित किया गया। जिसके आलोक में विद्वान जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश,अरवल के द्वारा आज सुनवाई करते हुए अभिलेख पर प्राप्त साक्ष्य के आलोक में गंभीर प्रकृति के अपराध को देखते हुए अग्रिम जमानत आवेदन पत्र को डिस्पोज ऑफ कर कर जिला प्रबंधक को निचली अदालत में आत्म समर्पण करने का निर्देश दिया गया।
इस मामले में परिवादी के अधिवक्ता रंजय कुमार ने भरपूर विरोध किया ।जो कि यह मामला सदर प्रखंड अरवल में एफसीआई गोदाम में चावल ,गेहूं की बड़े पैमाने पर गबन होने की मामले में सहायक मैनेजर हरिशंकर सिंह के द्वारा दिए गए शिकायत आवेदन पत्र पर अमल नहीं किया गया था और नहीं थाना अध्यक्ष द्वारा प्राथमिक दर्ज किया गया था। और नहीं जिला के वरीय पुलिस पदाधिकारी द्वारा आज तक कोई निर्णय लिया गया। तब हरिशंकर सिंह ने मामला को विद्वान अधिवक्ता रंजय कुमार के माध्यम से श्री मनीष कुमार पांडेय,विद्वान मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, अरवल के समक्ष परिवाद पत्र दाखिल किया जो परिवाद पत्र को स्वीकार करते हुए परिवाद पत्र संख्या:262/2024 में प्रविष्ट करते हुए विद्वान न्यायालय श्रीमती उर्मिला आर्या, न्यायिक दंडाधिकारी, प्रथम श्रेणी,अरवल को सौपा गया।
इस परिवाद पर जाँच साक्ष्य एवं दस्तावेज साक्ष्य के आधार पर तत्कालीन थाना अध्यक्ष ,अरवल के अवधेश कुमार एवं तत्कालीन जिला प्रबंधक ,अरवल के अमरेंद्र कुमार श्रीवास्तव के विरुद्ध न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, अरवल ने 15/11/2025 को प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए भा• द• वि• संहिता के धाराएं 120(b), 294, 323, 341, 409, 413, 414, 420, 467, 468, 469, 471, 504, 506/34 मे संज्ञान लिया गया। उक्त दोनों अभियुक्त को न्यायालय में उपस्थित होने के लिए सम्मन भेजा गया था ,लेकिन दोनों अभियुक्त ने आज तक उपस्थिति दर्ज नहीं कराई। जिसके कारण 08/01/2026 को दोनों अभियुक्त के विरुद्ध न्यायालय ने गैर-अजमातीय(NBW) वारंट जारी करने के आदेश के आलोक में NBW जारी किया गया है।
अरवल थाना कांड संख्या 191 /2023 का पूरक अनुसंधान अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है, जो संदेह के घेरे में प्रतीत होता है क्योंकि के वारास्वामी बनाम भारत संघ के मुकदमा में माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा अभिनिर्धारित किया गया है कि अन्वेषण अधिकारी के लिए यह आवश्यक नहीं है कि वह अभियुक्त व्यक्ति के विरुद्ध सामग्री एकत्रित करने के दौरान उसे सुनवाई अवसर प्रदान करते रहे। इस मामले में करीब 25 दस्तावेजी साक्ष्य प्राप्त हुए हैं जो विद्वान न्यायालय में किया जाएगा। यह साक्ष्य की प्राप्ति अधिवक्ता अधिनियम के धारा 30 के तहत प्राप्त किया गया है।
देवेंद्र कुमार की रिपोर्ट