पटना विवि छात्रसंघ चुनाव के तारीखों की बीते दिन घोषणा कर दी गयी। इसके अनुसार पीयू छात्रसंघ का चुनाव 28 फरवरी को होगा। 28 फरवरी को ही मतगणना होगी और उसी दिन शाम तक इसके परिणाम भी जारी कर दिये जायेंगे। 28 फरवरी को होने वाले पटना विवि छात्रसंघ चुनाव में इस बार करीब 22 हजार छात्र अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। पीयू छात्रसंघ चुनाव में इस बार स्नातक के साथ पीजी और पीएचडी के शोधार्थी भी अपने मतों का प्रयोग कर सकेंगे। मिली जानकारी के अनुसार प्रो. शंकर कुमार को पटना विवि छात्रसंघ चुनाव का मुख्य चुनाव पदाधिकारी बनाया गया है। उनकी देखरेख में ही सारी चुनावी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी कराई जाएगी।
पटना विवि में भौतिकी के विभागाध्यक्ष प्रो. शंकर कुमार ने इस संबंध में बताया कि सभी कॉलेजों को इसको लेकर छह फरवरी को मतदाता सूची प्रकाशित करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि कई कॉलेजों से मतदाता सूची आ चुकी है और जो कुछ कॉलेज रह गए हैं, वे भी 6 फरवरी तक अपनी अंतिम मतदाता सूची जारी कर देंगे। इसके बाद 7 से 9 फरवरी तक आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। उन्होंने कहा कि पटना विवि छात्रसंघ चुनाव को लेकर अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 10 फरवरी को किया जायेगा। पटना विश्वविद्यालय शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए हो रहे इस छात्रसंघ चुनाव का मतदान 28 फरवरी को होगा और परिणाम उसी दिन देर रात तक जारी किए जाएंगे। पटना विवि के कुलपति प्रो. नमिता सिंह ने इस संबंध में बताया कि नामांकन फॉर्म 11 से 14 फरवरी तक मिलेंगे। चुनाव को लेकर आचार संहिता लागू कर दी गई है और वर्तमान पीयू छात्र संघ को भी भंग कर दिया गया है।
छात्रसंघ चुनाव का मुख्य चुनाव पदाधिकारी प्रो. शंकर कुमार ने बताया कि 28 फरवरी को सुबह पटना विवि छात्रसंघ चुनाव को लेकर मतदान कराया जाएगा। मतदान सुबह 8.30 से दोपहर 2.30 बजे तक होगा। इससे पहले हुए पीयू छात्रसंघ चुनावों में वोटिंग सुबह नौ बजे से दिन के दो बजे तक होता था। लेकिन अब मतदान को लेकर इस दफा बूथों की संख्या बढ़ा दी गई है। इस बार कुल 14 मतदान केंद्रों पर वोट डाले जायेंगे। कॉलेजों के अलावा पीजी विभाग में भी वोट डाले जाने की व्यवस्था की गई है। इसी दिन मतदान के बाद वोटों की गिनती कराई जाएगी और शाम से देर रात तक चुनाव परिणाम जारी कर दिये जायेंगे। पीयू छात्रसंघ चुनाव को लेकर समूचे पटना विवि कैंपस परिसर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और सोशल मीडिया पर भी करीबी निगाह रखी जा रही है।