नवादा : केन्द्रीय बजट ने जिले की महिलाओं के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी है। महिलाओं के सेल्फ हेल्प ग्रुप (एसएचजी) में खुशी है, तो जीविका दीदियां भी फूले नहीं समा रही। केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जैसे ही ग्रामीण महिलाओं के लिए शी-मार्टस् का एलान किया, महिलाएं खुश हो गईं। पिछले दो दशक में आर्थिक रूप से धीरे-धीरे मजबूत हो रही जिले की महिलाओं के लिए यह घोषणा सपना सच होने जैसा लगा।
जिले में युवतियों के लिए महिला छात्रावास, पढ़ाई की राह हुई आसान
आकांक्षी जिला नवादा में बेटियों की पढ़ाई आधी-अधूरी रह जा रही है। गांव-घर में मैट्रिक-इंटर तक की पढ़ाई तो आसान हुई, लेकिन ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट बनना अब भी एक सपना है। निर्धन और मध्यम वर्गीय परिवारों के लोग अब भी बेटियों को उच्च शिक्षा दिलाने में आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हो सके हैं। ऐसे में केन्द्रीय वित्त मंत्री द्वारा हरेक जिला मुख्यालय में एक महिला छात्रावास बनाने की घोषणा इनके लिए वरदान से कम नहीं है। गांव-घर में मैट्रिक-इंटर तक पढ़नेवाली बेटियां अब जिला मुख्यालय में रहकर स्नातक और परा-स्नातक की पढ़ाई कर सकेंगी।
भईया जी की रिपोर्ट