Patna : बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के पहले दिन राजनीति के गलियारों में हलचल तब तेज हो गई, जब पूर्व उपमुख्यमंत्री और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव व्हीलचेयर पर सदन पहुंचे। पैर के अंगूठे में चोट के कारण वे चलने में असमर्थ थे, लेकिन उनकी इस तस्वीर ने सोशल मीडिया पर नई चर्चा छेड़ दी है। खासकर उनकी बहन रोहिणी आचार्य के हालिया ‘X’ (ट्विटर) पोस्ट ने इस मामले को भावुक और राजनीतिक मोड़ दे दिया है।
रोहिणी ने सोमवार (02 फरवरी, 2026) को बिना किसी का नाम लिए एक बेहद मार्मिक पोस्ट साझा किया। उन्होंने लिखा कि “जिस्मानी जख्म से भी दर्द होता है, मगर चोट जब दिल पर लगती है दर्द बेइंतेहा होता है…” हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर तेजस्वी का जिक्र नहीं किया, लेकिन 2025 के विधानसभा चुनाव के बाद परिवार में आई दरार और रोहिणी के अलग रहने के फैसले को देखते हुए, इसे सीधे तौर पर पारिवारिक कलह और चुनावी हार के दर्द से जोड़कर देखा जा रहा है।
वहीँ, रोहिणी के इस पोस्ट पर यूजर्स ने भी अपनी संवेदनाएं और तंज कसने में कसर नहीं छोड़ी, यूज़र निरंजन कुमार सिंह ने कहा कि “चोट अपने ही देते हैं दीदी… वरना गैरों को क्या पता कहां हाथ रखने से जख्म दुखेगा।” और अन्य यूजर ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि “जिस्मानी जख्म तो मरहम से भर जाते हैं, लेकिन दिल पर लगी चोट नजर नहीं आती, मगर हर सांस के साथ चुभती है।”
मालूम हो कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे महागठबंधन के लिए किसी झटके से कम नहीं थे। आरजेडी महज 25 सीटों पर सिमट गई और कांग्रेस को सिर्फ 6 सीटें मिलीं। इस करारी हार के बाद से ही लालू परिवार में मतभेद की खबरें सामने आने लगी थीं, जिसके बाद रोहिणी आचार्य ने गंभीर आरोप लगाते हुए परिवार से अलग रहने का फैसला किया था। आज की यह घटना दर्शाती है कि राजनीति की बिसात पर लगी चोटें तो दिख रही हैं, लेकिन पारिवारिक रिश्तों के जख्म अब भी हरे हैं।