बिहार के औरंगाबाद जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां हसपुरा थाना क्षेत्र के अमझर शरीफ पंचायत अंतर्गत सैदपुर गांव में एक साथ 5 नाबालिग लड़कियों ने जहर खा लिया। इनमें से 4 की मौत हो जाने की सूचना है जबकि एक लड़की की हालत गंभीर बताई जाती है। घटना सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। सबसे चौंकाने वाली बात यह कि यह घटना तीन दिन पहले 29 जनवरी की ही बताई जा रही है, जबकि इसका पता पुलिस और प्रशासन को अब चला है। परिजनों ने चारों बच्चियों का अंतिम संस्कार भी एक साथ कर दिया, लेकिन इसकी सूचना न तो पुलिस को दी गई और न ही किसी स्तर पर मामला सामने आने दिया गया।
घटना के बाद पूरे गांव में अजीब सन्नाटा पसरा हुआ है और गांव वालों ने पूरी तरह चुप्पी साध रखी है। किसी ने भी खुलकर यह नहीं बताया कि बच्चियों ने जहर क्यों और कैसे खाया। वाकये का पता चलते ही हरकत में आई पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने सामूहिक आत्महत्या की आशंका जताई है और इसकी गहन जांच शुरू की गई है। मिली जानकारी के अनुसार, घटना हसपुरा थाना क्षेत्र के सैदपुर गांव स्थित मोती बिगहा टोला की है। पांच नाबालिग सहेलियों ने एक साथ जहर खाकर अपनी जान देने की कोशिश की। इस घटना में चार लड़कियों की मौत हो गई, जबकि एक सहेली किसी तरह बच गई। बताया जा रहा है कि बची हुई नाबालिग का इलाज कराया जा रहा है। वहीं चारों मृतक लड़कियों का पहले ही अंतिम संस्कार कर दिये जाने की सूचना है। इससे मामले को लेकर संदेह और गहरा गया है।
घटना के बाद गांव गांव में छानबीन करने पहुंची पुलिस के अनुसार ग्रामीणों का सहयोग न मिलना जांच के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। डीएसपी अशोक दास ने बताया कि फिलहाल गांव के लोग कोई भी जानकारी देने से बच रहे है। पुलिस का मानना है कि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि लड़कियों ने खुद जहर खाया या किसी ने उन्हें दिया। जहर खाने के कारण भी अभी सामने नहीं आए हैं। जिंदा बची नाबालिग लड़की से पूछताछ के बाद ही घटना का खुलासा हो सकता है। घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत और तनाव का माहौल है। पुलिस मामले की गहनता से जांच में जुट गई है। इधर मामले की गंभीरता को देखते हुए मगध प्रक्षेत्र के आईजी क्षत्रनील सिंह और एसपी अंबरीश राहुल भी सैदपुर गांव पहुंचे हैं और दोनों ने वहां हालात का जायजा लिया तथा जरूरी निर्देश दिये।