पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET छात्रा के साथ दरिंदगी और उसके बाद संदिग्ध हालात में हुई मौत के ममले में अब FSL की रिपोर्ट ने बड़ा खुलासा कर दिया है। जानकारी के अनुसार छात्रा के अंडरगारमेंट पर पाया गया मानव स्पर्म या वीर्य किसी 18 से 21 वर्ष के युवक का है। इससे यह साफ हो गया कि छात्रा के साथ किसी 18 से 21 वर्ष के युवक ने रेप किया और संभवत: इसी दौरान छात्रा के संघर्ष के क्रम में उसे चोट लगी जिससे वह बेहोश हो गई और बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। यह अहम सुराग मिलने के बाद अब SIT ने अपना फोकस 18 से 21 उम्र वर्ग के उन युवकों पर कर दिया है। ऐसे युवकों की तलाश की जा रही है जो मृतका के करीबी थे या हॉस्टल से जुड़े हुए थे।
SIT की छापेमारी से मिले नए सुराग
खबर है कि SIT की टीम ने बीते दिन हॉस्टल मालिक मनीष रंजन के पैतृक गांव जहानाबाद के मखदुमपुर थानांतर्गत खरका गांव में छापेमारी की। वहां मनीष रंजन के घर के सभी कमरों की तलाशी ली गई और इस दौरान SIT टीम ने वहां कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और सामग्री जब्त किये। चार घंटे चली इस छापेमारी में पुलिस ने परिजनों और पड़ोसियों से भी पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार SIT की जांच में यह सामने आया है कि मनीष रंजन 5 जनवरी को अपने गांव से पटना गया था। यानी उसी दिन जब NEET छात्रा भी ट्रेन से पटना पहुंची थी। पुलिस मनीष की गतिविधियों, उसकी आवाजाही और उससे जुड़े लोगों का पूरा ब्योरा खंगाल रही है।
इधर FSL की नई रिपोर्ट के बाद अब SIT 18–21 वर्ष के युवकों को चिह्नित कर रही है जिससे घटना की कड़ियां जुड़ सकें। बताया जाता है कि FSL की रिपोर्ट में यह कंन्फर्म हो गया कि छात्रा के कपड़ों पर मिला वीर्य 18–21 वर्ष के युवक का है। FSL के इस खुलासे ने मामले को और गंभीर बना दिया है। डिप्टी सीएम के हस्तक्षेप के बाद भी परिवार की नाराज़गी और पुलिस पर उठ रहे सवाल इस केस को और संवेदनशील बना रहे हैं।
बताया जाता है कि मनीष के खिलाफ पहले से एक मामला दर्ज है और साथ ही उसके कई सफेदपोश लोगों से घनिष्ठ संबंधों की जानकारी मिली है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि उसके लिंक और कहां—कहां हैं। वहीं पिछले दिनों डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने पीड़िता के परिवार से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया था। लेकिन परिजनों का सरकार और पुलिस की जांच को लेकर आक्रोश बरकरार है। पीड़िता के पिता का कहना है कि SIT सही दिशा में जांच नहीं कर रही है। परिवार का कहना है कि इस कांड में गर्ल्स हॉस्टल संचालक, अस्पताल प्रबंधन और स्थानीय पुलिस सभी जिम्मेदार हैं। पीड़िता की मां ने आरोप लगाया कि पुलिस रात 12–1 बजे ब्लड सैंपल लेने पहुंच रही है। परिजनों और रिश्तेदारों को धमकाया और परेशान किया जा रहा है और मनमर्जी की थ्योरी गढ़ने की कोशिश हो रही है।