नवादा : जिला आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा बार बार स्मारित किये जाने के बावजूद रजौली एसडीएम द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने से उनकी भ्रष्टाचार में संलिप्त होने की बू आने लगी है। मामला रजौली प्रखंड क्षेत्र के अमांवा पंचायत पीडीएस फर्जी अनुज्ञप्ति संख्या 85/ 17 से संबंधित है।
जिले के बहुचर्चित आरटीआई कार्यकर्ता प्रणव कुमार चर्चिल द्वारा योगेन्द्र पासवान की अनुज्ञप्ति संख्या 85/17 को फर्जी साबित करते हुए लम्बा अभियान छेड़ रखा है। इसके तहत उन्होंने विद्यालय प्रमाण पत्र उपलब्ध कराते हुए प्रमाणित किया था कि उन्हें मात्र तेरह वर्षों की उम्र में ही फर्जी तरीके से अनुज्ञप्ति उपलब्ध करा नियमों की धज्जियां उड़ाई गई थी। आश्चर्य यह कि उनकी अनुज्ञप्ति से संबंधित संचिका तक जिला आपूर्ति कार्यालय व रजौली एसडीएम कार्यालय तक में उपलब्ध नहीं है। और तो और गलतबयानी के मामले में पूर्व एसडीएम आदित्य कुमार पियुष पर जुर्माना लगाया गया था।
इस बावत लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने वाद में दिये गये निर्णय के आलोक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने अपने ज्ञापांक 1100 दिनांक 17/12/25 के तहत रजौली एसडीएम को अपने स्तर से कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश निर्गत किया था। बावजूद किसी प्रकार की कार्रवाई न किए जाने पर पुनः ज्ञापांक ज्ञापांक 34 दिनांक 8/1/26 भेजकर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया बावजूद अबतक कार्रवाई नहीं किए जाने से खाद्यान्न का दुरुपयोग तो हो ही रहा है भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा मिल रहा है।
भईया जी की रिपोर्ट