पटना के मसौढ़ी में आज गुरुवार की सुबह—सुबह पुलिस ने एक भीषण मुठभेड़ में कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के एक शूटर को गोली मारकर धर दबोचा। एनकाउंटर के बाद पुलिस ने उसके पास से 9 एमएम की पिस्टल बरामद की है। पकड़े गए शूटर का नाम परमानंद यादव है जो लॉरेंस बिश्नोई गैंग का बिहार प्रभारी बताया जाता है। मुठभेड़ के दौरान परमानंद के पैर में गोली लगी जिसके बाद उसे इलाज के लिए पटना पीएमसीएच भेजा गया। पता चला कि मुठभेड़ में दबोचे गए शूटर पर बिहार-झारखंड में कई मामले दर्ज हैं और वह झारखंड के लातेहार स्थित चटेर चंदवा का निवासी है। यह मुठभेड़ मसौढ़ी में लाला बिगहा मोड़ के पास गुरुवार तड़के हुई। इस दौरान ऑपरेशन लंगड़ा के तहत पुलिस ने कुख्यात को दाहिने पैर में गोली मारी।
मसौढ़ी में एनएच-22 के पास हुई मुठभेड़
मुठभेड़ की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया।
बताया गया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि देश के कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग का बिहार—झारखंड जोन का सरगना परमानंद यादव किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए पटना पहुंचा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी शुरू की। बताया जा रहा है कि मसौढ़ी थाना क्षेत्र के एनएच-22 स्थित लाला बिगहा गांव के पास परमानंद अपनी पल्सर बाइक से भागने की कोशिश कर रहा था। पुलिस द्वारा घेरे जाने पर उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियाँ चलाईं, जिनमें से एक उसके पैर में लगी और उसके बाद वह पकड़ा गया।
तीन दर्जन से अधिक मामले दर्ज
पुलिस के अनुसार, परमानंद यादव मुख्य रूप से झारखंड के लातेहार जिले के चंदवा (चटेर गांव) का निवासी है। उस पर राजधानी पटना सहित बिहार और झारखंड के विभिन्न जिलों में तीन दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से वह छिपकर ही रह रहा था। बुधवार की देर रात पुलिस को सटीक जानकारी मिली थी कि परमानंद अपने गिरोह के सदस्यों से मिलने और किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में है। इसके बाद पटना के कई थानों की पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर उसे दबोचने का प्रयास किया। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा चलाई गई गोली से अपराधी घायल हो गया और अब वह पुलिस की गिरफ्त में है।