पटना : बिहार की राजधानी पटना इन दिनों अपराधियों और रूह कंपा देने वाली घटनाओं का केंद्र बनती जा रही है। अभी लोग हॉस्टल कांड और रिटायर्ड शिक्षिका की हत्या के सदमे से उबरे भी नहीं थे कि फतुहा थाना क्षेत्र के कच्ची दरगाह इलाके में एक साल के मासूम बच्चे का कटा हुआ सिर मिलने से पूरे जिले में सनसनी फैल गई है।
सोमवार की रात नदी थाना अंतर्गत कच्ची दरगाह स्थित मजार के पीछे गंगा नदी की ओर जाने वाली सड़क पर ग्रामीणों ने एक बच्चे का कटा हुआ सिर देखा। मासूम का चेहरा मिट्टी से सना था और कान व बालों पर ताजे खून के धब्बे थे। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन काफी खोजबीन के बाद भी बच्चे का धड़ बरामद नहीं हो सका है।
घटनास्थल पर जुटे लोगों के बीच इस बात की प्रबल चर्चा है कि मासूम की हत्या किसी तांत्रिक क्रिया या ‘नरबलि’ के उद्देश्य से की गई होगी। जिस क्रूरता से सिर को धारदार हथियार से अलग किया गया है, वह किसी गहरी साजिश या अंधविश्वास की ओर इशारा कर रहा है। हालांकि, पुलिस अभी इस पर कुछ भी आधिकारिक कहने से बच रही है।
पुलिस का अनुमान है कि बच्चे की हत्या कहीं और की गई और साक्ष्य छुपाने के लिए शव को गंगा किनारे फेंका गया। आशंका है कि आवारा कुत्ते शव के सिर वाले हिस्से को घसीटकर मुख्य सड़क तक ले आए। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। आसपास के जिलों और थानों से पिछले कुछ दिनों में गायब हुए बच्चों का डेटा खंगाला जा रहा है। सिर के अवशेष को पोस्टमॉर्टम के लिए पटना भेज दिया गया है ताकि हत्या के समय का सटीक पता चल सके।