पटना : माननीय उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग श्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की जिलावार समृद्धि यात्रा के दौरान आम जनता को भूमि से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की परेशानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस तथा भूमि विवाद से संबंधित लंबित मामलों का पूर्ण पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से यात्रा वाले जिलों में राजस्व मुख्यालय के 15 वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की गई है, जो मुख्यमंत्री के दौरे से एक दिन पहले अग्रिम दल (एडवांस पार्टी) के रूप में संबंधित जिलों में योगदान देंगे। ये अधिकारी अंचलों में संचालित कार्यों का सूक्ष्म पर्यवेक्षण करेंगे तथा लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन को सुनिश्चित करेंगे।
विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, प्रत्येक विभागीय पदाधिकारी को एक या दो अंचलों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। वे अंचल अधिकारियों के कार्यों का प्रत्यक्ष निरीक्षण करेंगे और लंबित दाखिल-खारिज, परिमार्जन एवं भूमि विवाद मामलों का नियमानुसार समाधान कराएंगे। यह पूरी प्रक्रिया विशेष सचिव श्री अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में संचालित की जाएगी। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जनता के कार्यों में लापरवाही, टालमटोल या नियमों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। अंचलों में पदस्थापित सभी हल्का कर्मचारी एवं अमीनों को विभागीय अधिकारियों को पूर्ण सहयोग देने का निर्देश दिया गया है, जिसे उनके कर्तव्य का अभिन्न हिस्सा माना जाएगा।
तकनीकी समस्याओं के समाधान हेतु अधिकारियों को लैपटॉप अथवा मोबाइल के माध्यम से आईटी मैनेजर श्री आनंद शंकर को नियमित फीडबैक एवं प्रतिवेदन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। यह विशेष व्यवस्था समृद्धि यात्रा के प्रथम चरण में 22 जनवरी को सिवान, 23 जनवरी को मुजफ्फरपुर तथा 24 जनवरी 2026 को वैशाली जिले में लागू रहेगी।
दूसरे चरण के लिए अलग से कार्यालय आदेश निर्गत किया जाएगा। प्रतिनियुक्त सभी 15 अधिकारियों के अंचलवार आवंटन का आदेश भी शीघ्र जारी किया जाएगा। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का यह सघन एक्शन प्लान प्रशासनिक स्तर पर भूमि से जुड़े मामलों के त्वरित एवं प्रभावी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।