पटना में NEET छात्रा की मौत के मामले में हंगामा अभी तक थमा नहीं है। कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को पटना के गर्ल्स हॉस्टल में NEET छात्रा के कथित रोप और हत्या के कांड को लेकर राजधानी में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेसियों ने गृह मंत्री सम्राट चौधरी के लिए चूड़ियों के साथ विरोध प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला फूंका। इधर इस मामले में बिहार के डिप्टी सीएम और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि डीजीपी और पटना के आईजी खुद इस केस पर नजर रख रहे हैं। सम्राट चौधरी ने कहा कि घटना की जांच के लिए बनाई गई एसआईटी अपना काम सही दिशा में कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले की जांच में पुलिस को खुली छूट है। आरोपी कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा और उसे कानून के कठघरे में लाया जाएगा।
कांग्रेस के इस बड़े विरोध प्रदर्शन में बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम, बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरू और बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और महिला कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन में महिला कार्यकर्ता गृह मंत्री सम्राट चौधरी के लिए चूड़ियां लेकर पहुंचीं थी। उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति बहुत खराब है और सरकार पूरी तरह फेल हो गई है। प्रदर्शन स्थल पर उनके द्वारा नारे भी लगाए गए…’जब बेटियां सुरक्षित नहीं हैं, तो गृह मंत्री को चूड़ियां पहन लेनी चाहिए’। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला भी फूंका। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने शुरू में पूरे मामले को दबाने की कोशिश की और पुलिस ने सच्चाई छिपाने में भूमिका निभाई।
बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावरू ने कहा कि—’पुलिस इस मामले में FIR दर्ज करने में भी हिचकिचा रही थी। एक SIT बनाई गई है, लेकिन सरकार जांच नहीं कर रही है, वह मामले को दबा रही है। हम मांग करते हैं कि पीड़िता को न्याय मिले और सरकार अपराध छिपाने के लिए खेल खेलना बंद करे’। वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि पूरे बिहार में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और उन्हें रोकने के बजाय सरकार आंकड़े छिपाने में व्यस्त है। उन्होंने कहा कि बिहार में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़े हैं। बेटियों के साथ अत्याचार की घटनाएं हर जगह से सामने आ रही हैं। सरकार सो रही है। इसबीच इस मामले में मानवाधिकार वकील एस.के. झा ने राष्ट्रीय और राज्य मानवाधिकार आयोगों में याचिकाएं दायर की हैं। उन्होंने एक रिटायर्ड जज की देखरेख में निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और पटना हाई कोर्ट को भी इस संबंध में पत्र भेजे हैं।