बिहार में लगातार लाइब्रेरियन पात्रता परीक्षा आयोजित करने की मांग कर रहे छात्रों को निराश करने वाली खबर है। बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने फिलहाल लाइब्रेरियन भर्ती को टाल दिया है। इसी के तहत बीएसईबी द्वारा आयोजित होने वाली इससे इस भर्ती के लिए पात्रता हेतु ली जाने वाली LET परीक्षा भी नहीं होगी। इससे राजधानी पटना में पिछले कई माह से समय—समय पर इस बहाली और पात्रता परीक्षा आयोजित कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे बैचलर ऑफ लाइब्रेरी साइंस कोर्स के छात्रों को बड़ा झटका लगा है। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में बिहार कर्मचारी चयन आयोग को पहले ही निर्देश जारी कर दिए हैं। माना जा रहा कि शिक्षा विभाग अब नए सिरे से लाइब्रेरियन पदों के सृजन के बाद ही भर्ती और पात्रता परीक्षा का आयोजन कराने के मूड में है।।
स्कूल बढ़े, पर लाइब्रेरियन पद नहीं
सूत्रों ने बताया कि शिक्षा विभाग ने पिछले वर्ष ही सभी जिलों से सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी स्कूलों में लाइब्रेरियन के खाली पदों की जानकारी मांगी थी। तब विभिन्न जिलों से लाइब्रेरियनों के करीब 4500 से अधिक पद खाली होने की जानकारी शिक्षा विभाग को मिली थी। यह भी पता चला लाइब्रेरियन के इन रिक्त पदों को करीब 15 वर्ष पूर्व सृजित लाइब्रेरियनों के पदों के हिसाब से भेजा गया था। लेकिन यह भी उल्लेखनीय है कि उस समय बिहार में सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी के छह हजार स्कूल ही थे। आज 2026 में ऐसे स्कूलों की संख्या बढ़कर 9360 हो गई हैं। ऐसे में यह भी समझा जाता है सरकार हड़बड़ी में लाइब्रेरी भर्ती की प्रक्रिया नहीं शुरू करना चाहती। सरकार की मंशा फूल स्ट्रेंथ में सभी स्कूलों के लाइब्रेरियन पदों का नए सिरे से रोस्टर प्राप्त कर बड़ी संख्या में भर्ती निकालने की है।
नए सिरे से बल्क में निकलेगी भर्ती
शिक्षा विभाग का यह भी कहना है कि लाइब्रेरियन के पद केवल उन्हीं स्कूलों में सृजित होंगे जहां पुस्तकालय मौजूद हैं। इस स्थिति में अब नए सिरे से पदों की संख्या तय की जाएगी। ऐसे में यह भी हो सकता है कि पहले सभी स्कूलों में पुस्तकालय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। फिर इसके बाद रिक्त और आवश्यक पदों की गिनती के बाद बड़े पैमाने पर लाइब्रेरियन की बहाली और उससे पहले लाइब्रेरियन पात्रता परीक्षा का आयोजन शिक्षा विभाग द्वारा कराया जाए। यही कारण है कि अब बिहार में लाइब्रेरियनों की नियुक्ति में देरी होनी तय है। विदित हो कि बिहार के स्कूलों में लाइब्रेरियनों की अंतिम बार बहाली 2010—11 में हुई थीं। तब बिहार में 2100 लाइब्रेरियनों की नियुक्ति नियोजित शिक्षकों की तरह विभिन्न जिलों के स्कूलों में की गई थी।