नवादा : जिले में ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सफेद पट्टी के भीतर विधिवत खड़ी एक अधिवक्ता की गाड़ी का चालान काट दिए जाने से जिले के वकीलों में भारी आक्रोश फैल गया है। घटना तब और गंभीर हो गई जब यह चालान स्वयं नवादा सिविल कोर्ट के मुख्य द्वार के सामने काटा गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार अधिवक्ता की गाड़ी पूरी तरह निर्धारित पार्किंग सीमा (सफेद पट्टी) के अंदर खड़ी थी। इसके बावजूद ट्रैफिक पुलिस ने बिना किसी ठोस आधार के चालान जारी कर दिया। वकीलों का आरोप है कि यह न केवल नियमों का उल्लंघन है बल्कि न्यायालय की गरिमा पर भी सीधा प्रहार है।
घटना के बाद अदालत परिसर में बड़ी संख्या में अधिवक्ता एकत्र हो गए और ट्रैफिक पुलिस के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। वकीलों का कहना है कि यदि न्यायालय परिसर के सामने भी कानून का इस तरह दुरुपयोग होगा तो आम नागरिकों के साथ क्या व्यवहार किया जा रहा होगा, इसकी कल्पना की जा सकती है। वकीलों ने आरोप लगाया कि ट्रैफिक कर्मियों ने आपत्ति जताने पर उल्टे अधिवक्ताओं को चुनौती देने जैसी भाषा का प्रयोग किया, जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई।
बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने मांग की है कि उक्त गलत चालान को तत्काल रद्द किया जाए, संबंधित ट्रैफिक कर्मियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई हो और नवादा में ट्रैफिक पुलिस की मनमानी पर रोक लगाने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएँ। फिलहाल यह मामला अधिवक्ता समाज में गहरी नाराजगी का कारण बन चुका है और यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो इसे लेकर न्यायिक व प्रशासनिक स्तर पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है। यह सिर्फ एक चालान नहीं, बल्कि कानून के सम्मान और न्यायपालिका की मर्यादा का सवाल बन गया है।
भईया जी की रिपोर्ट