मोतिहारी के कैथवलिया कल्याणपुर में आज शनिवार को विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग स्थापित कर दिया गया। यहां बन रहे विराट रामाणय मंदिर परिसर में विश्व के इस सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना की गई। आचार्य किशोर कुणाल के पुत्र शायन कुणाल और उनकी पत्नी शाम्भवी चौधरी इस आयोजन के मुख्य यजमान रहे। शिवलिंग स्थापना समारोह के आयोजन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल हुए। अपनी समृद्धि यात्रा के दूसरे दिन सीएम आज मोतिहारी में ही रहेंगे। विराट रामायण मंदिर में स्थापना के लिए भारी भरकम शिवलिंग को उठाने के लिए दो बड़े-बड़े क्रेन मंगवाए गए थे। शिवलिंग स्थापना से पूर्व यहां सबसे पहले बनारस से आए संतों द्वारा पीठ—पूजा कराई गई। इसके बाद हवन और पवित्र मंत्रों की गूंज के बीच शिवलिंग को क्रेन की मदद से स्थापित किया गया।
दो क्रेनों की मदद से किया गया स्थापित
विराट रामायण मंदिर परिसर में 33 फूट ऊंचे शिवलिंग की स्थापना के लिए 700 टन और 500 टन क्षमता वाली दो बड़ी क्रेनें पहुंची थीं। इस मौके पर शायन कुणाल ने कहा कि यह मंदिर उनके पिता का सपना था, जो अब धीरे-धीरे साकार होता दिख रहा है। कहा गया कि वर्ष 2030 तक यह भव्य मंदिर बनकर पूरी तरह तैयार हो जाएगा। इस मंदिर के निर्माण से न केवल धार्मिक आस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और मोतिहारी अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर अपनी पहचान बनाएगा।
45 दिन की यात्रा कर पहुंचा बिहार
विशाल शिवलिंग को तमिलनाडु के महाबलीपुरम में बनाया गया और फिर वहां से बिहार तक की पैंतालीस दिन की यात्रा करके शिवलिंग को चंपारण के कैथवलिया कल्याणपुर केसरिया में बन रहे विराट रामायण मंदिर पहुंचाया गया। शिवलिंग स्थापना के लिए भव्य आयोजन की तैयारी की गई। साथ ही शिवलिंग पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा और थ्री डी इफेक्ट से विराट रामायण मंदिर निर्माण को प्रदर्शित करने की भी तैयारी की गई है। स्थापना के बाद पांच नदियों के जल से शिवलिंग का अभिषेक किये जाने का भी कार्यक्रम है। इस शिवलिंग में 1008 छोटे-छोटे शिवलिंग हैं, जिस कारण इसे सहस्त्र लिंगम की संज्ञा दी गई है। ब्लैक ग्रेनाइट पत्थर से बना यह शिवलिंग तमिलनाडु से 45 दिन की अवधि में बिहार पहुंचा है जो अत्यंत ही विशाल है और 33 फीट लंबा है। इस शिवलिंग का वजन 210 टन है।