पटना : पटना की शहरी तस्वीर बदलने वाली ‘पटना मेट्रो परियोजना’ अब अपने सबसे चुनौतीपूर्ण और रोमांचक दौर में प्रवेश कर चुकी है। शहर के सबसे व्यस्त केंद्र, पटना जंक्शन गोलंबर पर अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन के लिए खुदाई का काम शुरू हो गया है। तकनीकी रूप से बेहद जटिल माने जाने वाले इस सेक्शन में रेलवे स्टेशन के ठीक नीचे से मेट्रो गुजरेगी, जो न केवल इंजीनियरिंग का एक बेजोड़ नमूना होगा बल्कि पटना को दुनिया के आधुनिक मेट्रो शहरों की कतार में भी खड़ा कर देगा।
पटना जंक्शन से रुकनपुरा तक बनेगा हाई-टेक अंडरग्राउंड कॉरिडोर
राजधानी पटना के लोगों के लिए मेट्रो का सफर अब हकीकत के और करीब आ गया है। पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने जंक्शन के पास अत्याधुनिक अंडरग्राउंड आइलैंड प्लेटफॉर्म वाले स्टेशनों का निर्माण शुरू कर दिया है। बुद्ध स्मृति पार्क से लेकर पटना जू और रुकनपुरा तक फैले इस पूरी तरह वातानुकूलित सेक्शन को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यात्रियों को रेलवे और मेट्रो के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी मिल सके। 36 महीनों के लक्ष्य के साथ शुरू हुआ यह कार्य पटना की लाइफलाइन बनने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
जंक्शन गोलंबर पर खुदाई शुरू, जून में लॉन्च होगी नई टीबीएम मशीन
पटना मेट्रो का काम अब अपनी रफ्तार पकड़ चुका है! जंक्शन से रुकनपुरा के बीच बनने वाले छह अत्याधुनिक अंडरग्राउंड स्टेशनों के लिए बैरिकेडिंग और खुदाई का काम शुरू हो गया है। इस परियोजना की सबसे बड़ी उपलब्धि पटना जंक्शन रेलवे स्टेशन के नीचे से मेट्रो लाइन का गुजरना होगा, जिसके लिए जून में नई टीबीएम (Tunnel Boring Machine) मशीन उतारी जाएगी। हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी की देखरेख में चल रहा यह कार्य अगले तीन वर्षों में राजधानी की सूरत बदल देगा।
मालूम हो कि पटना मेट्रो के पहले चरण का निर्माण दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड की देखरेख में हुआ था, जबकि दूसरे चरण का कार्य अब सीधे पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड की निगरानी में किया जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे और परियोजना को नई गति मिलने की उम्मीद है। पटना जंक्शन के नीचे से मेट्रो का गुजरना न सिर्फ एक बड़ी तकनीकी उपलब्धि होगा, बल्कि राजधानी के शहरी विकास की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा।