राजधानी पटना में NEET परीक्षा की तैयारी कर रही 18 वर्षीय छात्रा की मौत के मामले ने अब नया मोड़ आ गया है। मामला राजधानी के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र का है जहां छात्रा शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही थी। हाल में छात्रा अपने कमरे में बेहोश मिली और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। छात्रा के परिजनों ने रेप और हत्या का आरोप लगाया, लेकिन पुलिस ने सुसाइड बताया। परंतु अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पुलिस की थ्योरी की धज्जी उड़ा दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद यह साफ हो गया है कि छात्रा के साथ यौन हिंसा और मारपीट को खारिज नहीं किया जा सकता। जांच में छात्रा के शरीर पर अंदरूनी जख्म और खरोंच के 10 से अधिक निशान पाए गए।
पुलिस की लापरवाही से सबूत मिलने में दिक्कत
इस मामले में अब पटना पुलिस घिरती जा रही है। शुरुआत से ही पुलिस इस मामले में यौन उत्पीड़न की बात से इनकार करती रही थी। छात्रा की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे इलाज के लिए मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। छात्रा की मौत की खबर मिलते ही परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए और कहा कि उनकी बेटी के साथ मारपीट और रेप किया गया है। मौत के बाद परिजनों ने हॉस्टल और अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही और मामले को दबाने का आरोप लगाया। 9 जनवरी को परिजनों ने चित्रगुप्त नगर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन शुरुआती जांच में पुलिस अधिकारियों ने परिजनों के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। पटना पूर्वी के एएसपी ने बयान दिया था कि छात्रा नींद की गोलियों की आदी थी और उसे मियादी बुखार था। बाद में पटना एसएसपी ने भी यही दोहराया और यौन हिंसा की संभावना से इनकार किया था।
हॉस्टल का मालिक मनीष गिरफ्तार
मामला तब और उलझ गया जब छात्रा के शाव के पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने अस्पताल और पुलिस कार्रवाई को लेकर जमकर हंगामा किया। उनका आरोप था कि सच्चाई छिपाई जा रही है और दोषियों को बचाने की कोशिश हो रही है। परिजनों के प्रदर्शन और बढ़ते दबाव के बीच अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि यौन हिंसा की आशंका से इनकार नहीं किया गया है। इस बीच पटना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मकान मालिक मनीष कुमार रंजन को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। साथ ही, छात्रा के संपर्क में आए लोगों और हॉस्टल से जुड़े सभी पहलुओं की भी जांच की जा रही है।