-मजदूरों को नहीं मिलता मनरेगा का लाभ,खेती करने पर फसल खा जाते हैं नीलगाय व जंगली सूअर
नवादा : इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) की महत्वपूर्ण बैठक जिले के रजौली अनुमंडल मुख्यालय क्षेत्र के बांके मोड़ स्थित होटल अर्चना वाटिका में हुई। बैठक में रजौली प्रखंड के सवैयाटांड़ पंचायत में संचालित अभ्रक खदानों व धमनी पंचायत के पत्थर खदानों में काम करने वाले मजदूरों ,साफ-सफाई कर्मियों समेत दर्जनों मजदूरों ने भाग लिया। इंटक के जिला महामंत्री कुंदन दीप की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पहुंचे मजदूरों से इंटक के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह बिहार प्रदेश अध्यक्ष चंद्र प्रकाश सिंह ने मजदूरों से उनकी आय के साधन और बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही लोक कल्याणकारी योजनाओं से मिलने वाले लाभों के बारे में जानकारी ली।
बैठक में इंटक के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने मजदूरों से अभ्रक खदानों में काम करने के दौरान उनके सुरक्षा उपायों, बुनियादी सुविधाओं में अस्पताल गांव में चलने वाले सरकारी विद्यालयों, मनरेगा के तहत पंजीकृत मजदूरों को मिलने वाले कामों, कामों के बदले मिलने वाली मजदूरी आदि दर्जनों बिंदुओं पर उनसे विस्तृत चर्चाएं की। उपस्थित मजदूरों ने बताया कि अभ्रक खदानों में काम करने के दौरान उन्हें किसी प्रकार की सुरक्षा नहीं मिलती, यहां तक की किसी प्रकार की आकस्मिक घटना-दुर्घटना होने पर उन्हें अस्पताल तक की सुविधाओं का लाभ नहीं मिलता। क्योंकि सवैयाटांड़ में कागज पर अस्पताल चलते हैं।
पंचायत के गांव में संचालित सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों के नहीं रहने के कारण उनके बच्चों को कक्षा आठ तक की प्राथमिक शिक्षा भी नहीं मिलती। पंचायत में मोबाइल का नेटवर्क भी उपलब्ध नहीं है ताकि पंचायत के लोग समय पर रजौली के प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क कर सकें। साथ ही सवैयाटांड़ पंचायत में मनरेगा योजनाओं की स्थिति अत्यंत दयनीय है। बिना योजनाओं में काम कराए ही और मजदूरों से काम लेने की जगह कुछ योजनाओं में जेसीबी से काम कराकर मजदूरों के नाम पर राशि की निकासी कर उन्हें दो-चार सौ रुपए थमा दिया जाता है।
आजीविका की समस्या से जूझ रहे मजदूरों को मनरेगा में काम तक नहीं मिलता और वहां मनरेगा योजनाओं का सारा काम जेसीबी मशीन आदि से हो जाता है जिसके कारण उन्हें अपनी आजीविका चलाने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।मजदूरों ने बताया कि जंगली व दुर्गम क्षेत्र होने के कारण नीलगाय, सूअर के द्वारा खेतों में लगाए जाने वाले फसलों को नष्ट कर देते हैं। जिससे लोग चाह कर भी खेती नहीं करते हैं और उनकी जमीन परती रह जाती हैं। जिससे मजदूरों के समक्ष आजीविका की समस्या उत्पन्न हो जाती है।
पेट की खातिर क्षेत्र के मजदूर पंचायत में अवैध रूप से चलने वाले खदानों में जान जोखिम में डालकर मेहनत मजदूरी कर किसी तरह से अपना रोजी-रोटी चलाते हैं। अभ्रक खदानों में काम करने वाले मजदूरों ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष से अनुरोध किया कि वे लोग एक बार सवैयाटांड़ पंचायत पहुंचे और अभ्रक व पत्थर खदानों समेत विभिन्न जगहों पर काम करने वाले मजदूर की वर्तमान स्थिति से अवगत हों और मजदूरों की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए उन्हें आजीविका के साधन से जोड़ने के लिए राज्य व केंद्र सरकार से पहल करें।
बैठक के दौरान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने गया के लेबर डिप्टी कमिश्नर से बात कर सवैयाटांड़ पंचायत क्षेत्र की समस्याओं को उनके सामने रखा और उनसे मजदूरों की समस्याओं पर ध्यान देने का अनुरोध किया। मौके पर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सतीश कुमार ऊर्फ मंटन सिंह, प्रखंड अध्यक्ष राम रतन गिरी, प्रखंड उपाध्यक्ष मोहन चौधरी, अनवारूल हक, पूर्व मुखिया इसरायल, मनौव्वर अंसारी, सवैयाटांड़ पैक्स अध्यक्ष रियाजुद्दीन यू समेत दर्जनों मजदूर उपस्थित थे।
भईया जी की रिपोर्ट