पटना और कटिहार सटेशनों के बीच कामाख्या एक्सप्रेस ट्रेन में बीती आधी रात के दौरान भीषण लूट हुई। यात्रियों को खुद के लुटने का पता सुबह तब चला जब उन्हें नींद टूटने पर अपने फोन, पर्स, कैश और सोने के गहने गायब मिले। बदमाश आधी रात में ही सारा सामान उड़ा ले गए। अधिकतर शिकायतें सेकंड एसी कोच के यात्रियों की रही लेकिन बाकी अन्य कोचों के भी मुसाफिरों ने अपना सामान गायब होने की शिकायत की है। जोधपुर से कामाख्या जा रही 15623 कामाख्या एक्सप्रेस में भीषण चोरी की शिकायत ट्रेन के अलग-अलग कोचों, खासकर एसी टू बोगी में सफर कर रहे करीब एक दर्जन यात्रियों ने की है।
जब ट्रेन कटिहार स्टेशन पहुंची, तब यात्रियों ने एक-दूसरे से बातचीत के दौरान पता चला कि कई लोगों के साथ एक जैसी घटना हुई है। इसके बाद ट्रेन में हड़कंप मच गया। यात्रियों का कहना है कि ट्रेन में न तो पर्याप्त सुरक्षा कर्मी मौजूद थे और न ही किसी तरह की नियमित निगरानी की जा रही थी। इसी का फायदा उठाकर अपराधियों ने वारदात को अंजाम दिया। एक यात्री कमलेश ने बताया कि सफर के दौरान उनका मोबाइल और कुछ नकदी चोरी हो गई, जबकि केशव नामक यात्री ने कहा कि उनका पर्स और जरूरी दस्तावेज गायब हो गए। यात्रियों का आरोप है कि ट्रेन में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होते, तो इतनी बड़ी चोरी की घटना नहीं होती।
जानकारी के अनुसार यह वारदात ट्रेन के बी-1, बी-6, ए-1 और ए-2 कोच में हुई। इन कोचों में सफर कर रहे कम से कम चार यात्रियों के पर्स और सामान चोरी होने की पुष्टि हुई है। बताया जा रहा है कि ट्रेन पटना के बाद न्यू बरौनी स्टेशन पर रुकती है, लेकिन उससे पहले ही बदमाश वारदात को अंजाम देकर फरार हो चुके थे। पीड़ित यात्रियों ने कहा कि वे इस मामले को लेकर रेलवे बोर्ड में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएंगे। उधर आरपीएफ ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन के आधार पर छानबीन की जा रही है। संबंधित कोचों के यात्रियों से पूछताछ की जा रही है और आसपास के रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। यात्रियों की मांग है कि ट्रेन में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए और इस चोरी की घटना की गंभीरता से जांच हो ताकि आगे ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके। फिलहाल कटिहार स्टेशन पर यात्रियों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए रेलवे प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।