राजधानी पटना में अपराधियों ने बीती रात पीएनबी बैंक लूट के मास्टरमाइंड और कुख्यात गैंगस्टर अमन शुक्ला की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात को पत्रकार नगर थाना क्षेत्र के मलाही पकड़ी चौक के पास उमा हॉस्पिटल के सामने अंजाम दिया गया। गोलीबारी में अमन शुक्ला की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि अमन शुक्ला पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। घटना के बाद बदमाशों ने तीन से चार राउंड हवाई फायरिंग की और आराम से फरार हो गए। सूचना मिलते ही पत्रकार नगर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पटना एसएसपी ने इस हत्याकांड की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है।
जानकारी के अनुसार मृतक अमन शुक्ला वैशाली जिले का रहने वाला था और वर्ष 2020 में बेऊर थाना क्षेत्र में हुई बैंक लूट मामले का अभियुक्त रह चुका है। बताया जा रहा है कि अमन शुक्ला अपने परिवार के साथ बाइक से अपने बच्चे को डॉक्टर को दिखाने जा रहा था, तभी यह घटना हुई। सिटी एसपी पूर्वी परिचय कुमार ने कहा कि देर शाम पत्रकार नगर थानांतर्गत बाइक से जा रहे अमन शुक्ला पर एक दूसरी बाइक पर सवार 2 बदमाशों ने गोलीबारी की। उस समय अमन शुक्ला के साथ बाइक पर उसकी पत्नी और बच्चा भी सवार थे। घायल अमन शुक्ला को इलाज के लिए स्थानीय लोगों की सहायता से इलाज अस्पताल भेजा गया था, जहां इलाज के क्रम में उक्त घायल व्यक्ति की मृत्यु हो गई। पुलिस को घटना स्थल से गोली के 03 खोखा बरामद हुए हैं।
बताया जाता है कि अमन शुक्ला अपनी पत्नी और आठ वर्षीय बेटे के साथ बाइक पर बच्चे की थेरेपी से लौट रहा था। विद्यापुरी पार्क के पास बाइक सवार दो अपराधियों ने उसे घेरकर करीब से कई गोलियां मारी। गोलियां उसके सिर, छाती और पेट में लगी, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पत्नी और बच्चे के सामने हुई इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई। इधर अमन शुक्ला के बारे में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि वह वह पटना के कई कोचिंग संस्थानों में अंग्रेजी पढ़ाता था। लेकिन पुलिस रिकॉर्ड में वह 2020 में अनीसाबाद पीएनबी बैंक से 52 लाख रुपये की डकैती का मास्टरमाइंड के तौर पर आरोपित था। अमन अपराध की दुनिया में बेहद चालाक था। वह मोबाइल फोन या सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं करता था। डकैती में भी डिजिटल माध्यमों से बचता था। पुलिस को शक है कि वह मुजफ्फरपुर और वैशाली के कई लूटकांडों में भी शामिल था। मई 2025 में जेल से रिहा होने के बाद वह फिर शिक्षक बनकर सामान्य जीवन जी रहा था।