अरवल – सदर प्रखंड सह अंचल कार्यालय पर खेग्रामस और मनरेगा मजदूर सभा द्वारा भाकपा माले के संयुक्त देशव्यापी अहवान पर आक्रोश प्रदर्शन आयोजित किया गया जिसकी अध्यक्षता विजय पासवान ने किया, कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए, भाकपा माले जिला सचिव सह राज्य कमिटी सदस्य जितेंद्र यादव ने कहा की भाजपा जदयू सरकार भीषण ठंड मे गरीबो की बस्ती को उजाड़ रही है,जो संविधान लोकतंत्र विरोधी है, उन्होंने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से तत्काल रोक लगाने की मांग की है। मोदी सरकार पर मनरेगा से महात्मा गांधी के नाम को हटाकर, जी राम जी कानून बना कर मनरेगा कानून को कमजोर कर दिया और करोड़ो मजदूरो को रोजी रोटी समाप्त कर दिया है।
इसलिए ,जी राम जी कानून को रद्द कर मनरेगा को पुनः बहाल करने की मांग देश के लोग कर रहे हैं,देश मे धार्मिक उन्माद नफरत हिंसा के सहारे सरकार चल रही है,बिहार मे मवलिचिंग और अपराध ,अहरण,हत्या, लूट, बलात्कार की घटना लगातार बढ रहा है, शिक्षा स्वास्थ्य रोजगार के सवाल पर सरकार काम नही कर रही है,उत्तराखण्ड के भाजपाई नेता बिहार की बेटी की बोली लगा कर अपमानित कर रहे,जो शर्मनाक है,भाजपाई चुप है,इस मामले मे कारवाई होनी चाहिए, पार्टी नेता रविंद यादव ने सम्बोधित करते हुए कहा की नितिश मोदी सरकार किसान मजदूर विरोधी कानून लागू कर रही है।
उन्होंने कहा की 44 श्रमिकी कानून पूजीपति के हित मे रद्द कर 4 लेबर कानून बनाया जो मजदूर विरोधी कानून है दशको से बसे गरीब दलित भूमिहीन परिवारो को पीपीएच एक्ट 1948 के तहत जमीन का पर्चा देने की माँग किया,साथ ही उन्होंने भाकपा माले राज्य सचिव यूपी के सुधाकर यादव और महिला नेत्री जीरा भारती को योगी सरकार के द्वारा गिरफ्तारी को तीव्र निंदा करते हुए संविधान लोकतंत्र विरोधी बताया और रिहाई की मांग की धरना-प्रदर्शन को पार्टी नेता गणेश यादव, नंंदकिशोर ठाकुर, शाह शाद, शोएब आलम, सूरजदयाल राम, लालकेश्वर प्रसाद, बादशाह प्रसाद सहित दर्जनों नेता कार्यकर्ता शामिल थे।
देवेंद्र कुमार की रिपोर्ट