पश्चिम चंपारण जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया जिसमें 2 छात्रों द्वारा कक्षा में डकार लेने पर शिक्षक ने उन्हें क्लासरूम में ही पटक—पटक कर बुरी तरह पीटा। अब इस मामले में जिले के डीपीओ ने स्कूल के शिक्षकों से स्पष्टीकरण तलब किया है। दरअसल यहां एक विद्यालय में 2 छात्रों के डकार मारने पर शिक्षकों ने उनके साथ जमीन पर पटक पटकर कर मारपीट की। मामले की जानकारी मिलने पर डीपीओ ने शिक्षकों से तीन दिन के अंदर जवाब देने के लिए कहा है। मामला बैरिया प्रखंड स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय ओझवलिया का है। आरोपित शिक्षक सुनील कुमार पाल और संदीप कुमार से जवाब मांगा गया है।
इस सिलसिले में मो.सैयद हुसैन, निवासी पटखौली परती टोला, बैरिया ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को शिकायत लिखकर घटना से अवगत कराया है। शिकायत में बताया गया कि कक्षा-9 के दो छात्रों ने डकार ली थी। जिस पर विद्यालय के शिक्षकों ने छात्रों के साथ बर्बरतापूर्वक व्यवहार किया। शिक्षक सुनील कुमार पाल और संदीप कुमार राय ने छात्रों को क्लास से बाहर निकाला और जमीन पर जोर से पटक दिया। इसके बाद छात्रों की बेरहमी से पीटा गया। साथ ही शिक्षकों ने प्रिंसीपल से छात्रों को बाहर निकालने तक के लिए कहा। डीपीओ गार्गी कुमारी ने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि यह अध्यापक आचरण संहिता का उल्लंघन, शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के नियमों का उल्लंघन और छात्र हित के खिलाफ है।
आरोपित शिक्षकों को निर्देश देते हुए कहा गया कि वे शिकायत में उल्लेखित सभी बिंदुओं पर सबूत सहित अपना पक्ष रखें।
घटना बीते माह की बताई जा रही है, जिसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी गार्गी कुमारी ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपित शिक्षकों को तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्होंने बार-बार घटना के दौरान शिक्षकों के इस बर्ताव का विरोध किया और मारपीट रोकने का अनुरोध किया। लेकिन शिक्षक अपनी आचरणहीनता से बाज नहीं आए। यहां तक कि प्रधानाध्यापक से छात्रों को विद्यालय से निकालने की पैरवी की गई, जिससे छात्रों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए। छात्रों का कहना है कि स्कूल के बाकी शिक्षक इस वाकये के दौरान शिक्षकों की दबंगई के कारण मूकदर्शक बने रहे। छात्रों को बचाने की हिम्मत किसी में नहीं हुई। इस मामले ने विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण और छात्र हित पर गंभीर असर डाला है।