अरवल – जिला में धान अधिप्राप्ति का कार्य 15 नवम्बर 2025 से प्रारंभ है, जो कि 28 फरवरी 2026 तक संचालित किया जाएगा। राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप यह कार्य व्यापार मंडल / पैक्स (प्राथमिक कृषि साख समितियों) के माध्यम से किया जा रहा है, ताकि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की बिक्री की सुविधा पारदर्शी, सुचारु एवं समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जा सके। इसी क्रम में धान अधिप्राप्ति से संबंधित अद्यतन स्थिति के आकलन तथा संपूर्ण प्रक्रिया की समग्र समीक्षा के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी, अरवल अमृषा बैंस के निर्देशानुसार जिला स्तरीय एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के माध्यम से जिले के सभी पैक्स गोदामों एवं व्यापार मंडलों का निरीक्षण कराया गया।
निरीक्षण के दौरान निम्नलिखित बिंदुओं की विस्तार से समीक्षा की गई धान अधिप्राप्ति की अद्यतन स्थिति। किसानों को किए गए भुगतान तथा लंबित मामलों का आकलन। गोदामों में भंडारित धान की मात्रा एवं भंडारण व्यवस्था। धान की तौल, गुणवत्ता परीक्षण एवं अभिलेख संधारण की स्थिति। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुपालन की जांच।
जिला प्रशासन, अरवल द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि किसानों को धान के बदले समय पर भुगतान सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर अनियमितता, लापरवाही अथवा किसानों के हितों की अनदेखी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों / संस्थाओं के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। धान अधिप्राप्ति की संपूर्ण प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी, जवाबदेह एवं किसान हितैषी बनाया जाएगा। अतः अरवल जिला के सभी किसान भाईयों से अपील की जाती है कि धान अधिप्राप्ति से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या, भुगतान में विलंब अथवा अन्य शिकायतें जिला प्रशासन को समय रहते उपलब्ध कराएं, ताकि त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
देवेंद्र कुमार की रिपोर्ट