मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने जेल से बिहार सर्किल के चीफ पोस्टमास्टर जनरल को एक चिट्ठी लिखी है जिसमें उन्होंने उनसे मोकामा चौक स्थित पोस्ट ऑफिस को मोकामा घाट में मर्ज करने का विरोध किया है। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि इससे आम जनता और व्यापारियों को बहुत परेशानी होगी। मोकामा विधायक ने जनहित और जनता की इससे संभावित असुविधा को देखते हुए चीफ पोस्टमास्टर जनरल से अपने इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
इस पत्र में अनंत सिंह ने लिखा कि मोकामा चौक पोस्ट ऑफिस से बड़ी संख्या में लोग रोजाना डाक से जुड़ी सेवाएं लेते हैं। यहां RD, SB, PPF, PLI, RPLI, SSA, FD जैसी सभी प्रमुख सुविधाएं उपलब्ध हैं। यदि इस पोस्ट ऑफिस को मोकामा घाट पोस्ट ऑफिस में मर्ज किया गया, तो करीब तीन हजार से ज्यादा की आबादी सीधे तौर पर प्रभावित होगी।
अपने पत्र में विधायक अनंत सिंह ने यह भी लिखा कि मोकामा चौक इलाके में चार बड़े बैंक स्थित हैं और स्पीड पोस्ट व अन्य डाक सेवाओं का नियमित और अधिक इस्तेमाल होता रहता है। ऐसे में मर्ज करने की स्थिति में इलाके की डाक व्यवस्था पर दबाव बढ़ेगा और लोगों को असुविधा होगी। उन्होंने यह भी बताया कि मोकामा अनुमंडल क्षेत्र में 8 हजार से अधिक घर हैं, जिनकी डाक संबंधी जरूरतें मोकामा चौक पोस्ट ऑफिस से जुड़ी हुई हैं। इस समय अनंत सिंह दुलारचंद यादव हत्याकांड केस में जेल में बंद हैं और उन्होंने जेल से ही जनता के व्यापक हित को देखते हुए यह पत्र चीफ पोस्टमास्टर जनरल को लिखा।
मोकामा विधायक ने पत्र में जनहित और आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मोकामा चौक पोस्ट ऑफिस को सदर पोस्ट ऑफिस के रूप में वहीं बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विभाग जनता की परेशानी को समझेगा और प्रस्ताव पर पुनर्विचार करेगा। विदित हो कि जेल में रहते हुए भी अनंत सिंह ने जदयू उम्मीदवार के तौर पर मोकामा से चुनाव जीता। यह मोकामा से उनकी लगातार छठी जीत थी। 2025 चुनाव में जन सुराज समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में अनंत सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई और उन्हें पटना के बेऊर जेल में रखा गया। यह मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है और इस केस में अब तक उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है।