बिहार में इस समय कड़कड़ती ठंड पड़ रही है। लौग इस ठंड से बचने के लिए आम तौर पर आग का सहारा लेते हैं। लेकिन गयाजी में ठंड से बचव का यही जुगाड़ एक परिवार के लिए जानलेवा बन गया। यहां अंगीठी जला कर सोए एक परिवार के दो मासूम बच्चों और उनकी नानी की मौत दम घुटने से हो गई। ये सभी रात में अंगीठी जलाकर आग तापने के बाद बंद कमरे में सोए थे। घटना जिले के वजीरगंज थाना अंतर्गत कुर्किहार स्थित एकता ग्राम में घटित हुई। मृतकों में दो मासूम बच्चे और उनकी नानी बताई जाती है। जानकारी के अनुसार सुबह के वक्त जब परिवार के दूसरे लोग इन्हें जगाने गए, तो सभी वहां मृत अवस्था में मिले। पता चला कि नानी ने ठंड से बचने के लिए घर में बोरसी जलाई थी। रात में बोरसी से उठे जहरीले धुएं में सभी का दम घुट गया।
अंगीठी जलाकर नानी के साथ सोए थे बच्चे
मृतकों की पहचान गांगो मांझी की पत्नी मीना देवी (60), उनकी बेटी काजल देवी के बच्चे और रिश्ते में उनके नाती सुजीत कुमार (3) और नातिन अंशु कुमारी (5) के रूप में हुई है। काजल देवी पिछले दो महीने से अपने मायके में रह रही थीं। मीना देवी घर में बोरसी जलाकर अपने नातियों के साथ रात में सोई थी, जबकि उनकी बेटी काजल अलग कमरे में सोई। कमरे का दरवाजा और खिड़कियां बंद थी। इस कारण बोरसी का जहरीला धुआं कमरे में फैल गया और दम घुटने से तीनों की मौत हो गई। इस घटना के बाद से वजीरगंज के एकता ग्राम में शोक की लहर दौड़ गई। पूरा परिवार चित्कार मारकर रो रहा है। बताया जाता है कि बच्चों की मां काजल देवी हालिया दिनों ही अपने मायके आई थी, लेकिन वहां यह दुखद वाकया पेश आ गया।
परिजनों के अनुसार कमरे में धुआं भर गया था। तड़के मृतक मीना देवी की बेटी काजल ने किसी काम को लेकर दरवाजा खोला तो तीनों को बेसुध हालत में देखा। आशंका होने पर उसने तीनों को उठाने की कोशिश की, किंतु कोई हलचल नहीं हुई। इसके बाद वहां चीख—पुकार मच गई और परिजन तीनों को लेकर अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में तीनों को भर्ती कराया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर वजीरगंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू कर दी। फिलहाल तीनों शव को पोस्टमार्टम के लिए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने बताया कि प्रथमदृष्टया तीनों की मौत का कारण बोरसी के धुएं से दम घुटना प्रतित होता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट होगा।