अरवल – भाकपा माले के द्वारा अरवल में अरावली, हिमालय, हसदेव जंगल एवं सोन नदी बचाने को लेकर प्रतिवाद मार्च निकाला गया। भाकपा माले कार्यालय से जुलूस जिला सचिव जितेंद्र यादव, रविन्द्र यादव, सुएब आलम के नेतृत्व में निकाला गया इसके बाद भगत सिंह चौक पर एक प्रतिवाद सभा की गई।
वक्ताओं ने कहा कि यदि यह कानून लागू हो गया तो थार की मरुभूमि का रेत पूरा दिल्ली से लेकर सीमा वर्ती राज्य भी मरु भूमि में तब्दील हो जाएगा । कई नदियां सुख जाएगा। खतरा बहुत ज्यादा हिमालय पर होगा जिससे नदियों में तूफान और पर्वत का कटाव भी बहुत ज्यादा होगा। रेगिस्तान से उठने वाली धूल की तूफान को अरावली पर्वत ही रोकती है। अगर 100 मीटर तक को ही पहाड़ी माना जायेगा तो राजस्थान, दिल्ली से लेकर कई राज्यों के सुरक्षा दीवार अरावली पर्वत काम करता है वह समाप्त हो जाएगा और महज 7% ही पहाड़ बचेगा। दिल्ली जयपुर जैसे बड़े-बड़े शहरों में वायु प्रदूषण बहुत ज्यादा हो जाएगा। रहना मुश्किल हो जाएगा।
हसदेव जंगल अडानी को सौंप दिए जाने से वहां लाखों पेड़ों की अनियंत्रित कटाई के खिलाफ आदिवासी संघर्ष कर रहे हैं, उनपर सरकार हर तरह के कठोर दमन कर रही है। इतना ही नहीं सोन नदी से अनियंत्रित बालू निकालने के कारण सोन तटीय गांवों में कई तरह के संकट का बादल गहराने लगा है। जिला सचिव जितेंद्र यादव ने कहा कि भाजपा की मोदी सरकार अडानी-अम्बनी के लिए देश की सारी संपत्ति न्योछावर करने पर तुले हुए हैं। अभी सर्दी के मौसम में दिल्ली में वायु प्रदूषण पर भाजपा के डबल इंजन सरकार बोलने के लिए तैयार नहीं है।
लोकसभा में इस बार प्रदुषण पर चर्चा की मांग विपक्ष के द्वारा किया गया लेकिन हिंदू मुस्लिम, वंदे मातरम लाकर चर्चा को समाप्त कर दिया गया। लेकिन मानव के जीवन रक्षक वायु पर कोई चर्चा सदन में नहीं हुआ, वही छत्तीसगढ़ के जंगलों को भी कॉर्पोरेट के हवाले करने में लगे है। जंगली, जानवर, जंगली पक्षी एवं जीव जंतु जो मानव रक्षक होते हैं वह सारे विलुप्त हो जाएंगे मोदी सरकार दो उद्योगपति मित्रों के लिए देश को बर्बाद करने में जुटी है। मौके पर गब्बर सिंह, अरुण कुमार, अमीत कुशवाहा उर्फ भोला, शाहिद आलम ,नीतीश कुमार चितरंजन कुमार समेत कई लोग मौजूद थे।
देवेंद्र कुमार की रिपोर्ट