भोजपुर में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है। यहां अनुकंपा पर नौकरी और एक मुस्त पैसे की लालच में एक कलयुगी बेटे ने अपने ही पिता की गला काटकर हत्या कर दी। झारखंड पुलिस में बतौर हवलदार तैनात पिता को उसके ड्रग्स एडिक्ट बेटे ने भोजपुर जिले के चांदी थाना क्षेत्र स्थित भगवतपुर गांव में ही मार डाला। इस कांड को उसने अपने दोस्त के साथ मिलकर अंजाम दिया। भोजपुर पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए कहा कि झारखंड पुलिस में हवलदार रैंक के चालक के पद पर तैनात पशुपतिनाथ तिवारी की हत्या किसी बाहरी अपराधी ने नहीं, बल्कि उनके ही अपने ही बेटे ने अंजाम दिया। संपत्ति और नौकरी की लालच में बेटे ने अपने ही पिता की जान ले ली। हत्यारों ने साक्ष्य मिटाने के लिए खून से सना चाकू और खून लगा जैकेट तथा इस कांड में इस्तेमाल किये गए अन्य सामान सोन नदी में फेंक दिये थे।
हत्याकांड के बाद पुलिस की जांच में सामने आया कि मृतक के पुत्र ने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर पिता की हत्या की साजिश रची थी। बताया गया कि पशुपतिनाथ तिवारी नए वर्ष में 31 जनवरी को सेवानिवृत्त होने वाले थे। बेटे को यह उम्मीद थी कि पिता की मौत के बाद उसे अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी मिल जाएगी। इसी लालच में उसने अपने पिता को रास्ते से हटाने की योजना बना ली। तकनीकी जांच के आधार पर मिले साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने हत्यारोपी बेटे और इस कांड में शामिल उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि करीब दो साल पहले भी आरोपी पुत्र ने पिता को दुर्घटना में मारने की साजिश रची थी, लेकिन उस समय उसकी योजना नाकाम हो गई थी।
हाल ही में इसी दिसंबर महीने में जब पशुपतिनाथ तिवारी छुट्टी पर अपने गांव आए थे, उसी दौरान घर में सोए अवस्था में गला रेतकर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। शुरुआत में मामला संदिग्ध लग रहा था, लेकिन पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी जांच के आधार पर पूरे हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया। इस मामले में सदर अनुमंडल पदाधिकारी-2 रंजीत कुमार सिंह ने बताया कि हत्या में शामिल मृतक के पुत्र को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मृतक द्वारा कुछ जमीन का एग्रीमेंट कराए जाने को लेकर भी पुत्र उनसे नाराज था। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।