पटना : विश्व ध्यान दिवस पर ब्रह्माकुमारी की बहनें बाढ़ उपकारा में शिविर आयोजित कर बंदियों को ध्यान एवं योग से तनाव मुक्त जीवन जीने की कला बताई गई।इसमें ध्यान तथा योग करने से तनाव मुक्त जीवन जीने की कला और संस्कार परिवर्तन बातें बंदियों को समझाते हुए राजयोग प्रशिक्षण केंद्र की प्रभारी ज्योति दीदी ने कहा कि कोई व्यक्ति जन्म से अपराधी नहीं होता।जब वह इस संसार में आता है तो गलत संगत,लोभ,लालच, क्रोध,तनाव या विपरीत परिस्थितियां उसे अपराधी बनाती है।व्यक्ति अपने कर्मों से कहीं भी भाग नहीं सकता है,उसे किए हुए कर्मों का फल खुद को भोगना पड़ता है।प्रशिक्षण केंद्र प्रभारी ज्योति दीदी ने कहा कि जीवन में हर ख्वाहिश पूरी नहीं होती है।
इस पर अपना अधिकार समझते हैं,दुख उसी से मिलता है। उन्होंने कहा कि आज दुख और तनाव का कारण ही हमारे विचार है।ध्यान के जरिए आंतरिक शांति लाकर ही विचारों में परिवर्तन कर हम अपने जीवन को बदल सकते हैं और जेल को सिर्फ बंदी गृह नहीं बल्कि सुधार गृह समझे।उप कारा बाढ़ के अध्यक्ष गौतम प्रसाद सिंह ने कहा ऐसे आयोजन बंदियों में आत्मविश्वास और सुधार की भावना को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम के समापन पर सहायक जेल अधीक्षक फरहत परवीन ने ब्रह्माकुमारीज़ टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।
सत्यनारायण चतुर्वेदी की रिपोर्ट