नवादा : नगर परिषद क्षेत्र के बुधौल गांव के महादलित टोले में डायरिया का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को दो बालिकाओं की मौत के बाद एकबार फिर 64 से अधिक लोग सदर अस्पताल में भर्ती हैं। सदर अस्पताल में बेड की कमी के कारण एक बेड पर दो से तीन मरीजों को रखा जा रहा है। ऐसे में भर्ती मरीजों व उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
माना जा रहा है कि सदर अस्पताल खुद बीमार है। यही कारण है कि संभ्रांत लोग सदर अस्पताल के बजाय निजी क्लीनिक का जाना पसंद करते हैं। यहां तक कि मारपीट में जख्मी या फिर सड़क दुर्घटना में जख्मी तक सदर अस्पताल जाना पसंद नहीं करते। ऐसे में इसे खुद इलाज की आवश्यकता है। यह तो एक बानगी भर है। बावजूद स्वास्थ्य विभाग का ध्यान इस ओर नहीं जा पा रहा है।
भईया जी की रिपोर्ट