केंद्र सरकार ने पुराने वाहनों को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। अब 20 साल से अधिक पुराने वाहनों का पंजीकरण नवीनीकरण (Registration Renewal) पहले की तुलना में कहीं ज्यादा महंगा हो गया है। सरकार का साफ कहना है कि इस कदम का मकसद लोगों को पुराने वाहन खरीदने और सड़क पर चलाने से हतोत्साहित करना है, ताकि प्रदूषण कम हो और नई तकनीक वाले वाहनों को बढ़ावा मिले।

शुल्क में दोगुनी बढ़ोतरी
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, 20 साल पुराने हल्के मोटर वाहनों (LMV) का नवीनीकरण शुल्क अब 5,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दिया गया है।
मोटरसाइकिल : 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये
तिपहिया और क्वाड्रिसाइकिल : 3,500 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये

हल्के मोटर वाहन (LMV) : 5,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये
आयातित वाहनों के लिए भारी शुल्क

यदि वाहन विदेश से आयात किया गया है तो शुल्क और भी ज्यादा होगा।
दो पहिया व तिपहिया : 20,000 रुपये
चार पहिया या उससे अधिक वाहन : 80,000 रुपये
फरवरी में आया था मसौदा, अब लागू
मंत्रालय ने इन बदलावों का मसौदा इस साल फरवरी में जारी किया था। 21 अगस्त को इसे अंतिम मंजूरी दे दी गई। बता दें कि इससे पहले अक्टूबर 2021 में भी मंत्रालय ने विभिन्न श्रेणी के वाहनों के पंजीकरण और नवीनीकरण शुल्क बढ़ाए थे।
सरकार का तर्क
सरकार का कहना है कि यह फैसला पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी अहम है। पुराने वाहनों से प्रदूषण ज्यादा होता है, ऐसे में शुल्क बढ़ाकर लोगों को इन्हें सड़कों से हटाने और नए वाहन अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
