पंचायतों में शाखा खोलने की योजना बनाने लगे बैंक।

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swatva samachar

पटना : भारतीय स्टेट बैंक प्रधान कार्यालय में राज्यस्तरीय परामर्श एवं नवाचार की बैठक में राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर गुरुवार और शुक्रवार को बैठक में भाग लेते हुए विभिन्न बैंकों के पदाधिकारियों ने प्रदर्शन को और बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव दिए। बैठक में बिहार इंडस्ट्री एसोसिएशन और बिहार चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों का भी सुझाव लिया गया। बैठक में बैंकों के ग्रोथ को बढ़ाने की भी बात की गई। इस बैठक में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लेते हुए कहा कि राज्य में एस. ई जेड /ई.पी.डी. /इंडस्ट्रियल पार्क योजनाओं जैसी नयी योजनाओं और नये उद्योग लगाने के लिए सरकार के तरफ से विभिन्न सुविधा देने की ज़रूरत की बात कही गई। इस बैठक में जितनी बातें कही गई है। उसका मूल्यांकन राष्ट्रीय स्तर पर होनेवाली बैंकों के बैठक में किया जाएगा।

बैठक की अध्यक्षता कर रहे स्टेट बैंक के प्रबंध निदेशक श्री प्रवीण कुमार गुप्ता पत्रकारों के एटीएम से जुड़े सवाल का जवाब देते हुआ कहा कि हम ना सिर्फ एटीएम बल्कि डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देने के लिए लगातार नए प्रोडक्ट ला रहे हैं ,जल्द ही डिजिटल विपेज प्रोग्राम भी शुरू करने वाले हैं। स्टेट बैंक के प्रदर्शन के बारे में उन्होंने कहा कि सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्योग को लोन लेने में स्टेट बैंक अच्छा काम कर रहा है। किसान क्रेडिट कार्ड के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इस मामले पर सभी बैंक अच्छा काम कर रहे हैं। स्टेट बैंक किसानों को ऋण देने के लिए लगातार कैंप लगाए जा रहे हैं। बिहार में उद्योगों को लोन देने के बारे में उन्होंने कहा कि यहां बड़े उद्योगों की संख्या कम है,इसलिए बैंकों द्वारा ज्यादा से ज्यादा छोटे उद्योगों को ऋण देने पर जोर दिया जा रहा है।पंचायत स्तर तक बैंक की शाखा खोलने की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सवाल के बारे में उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सभी बैंक विचार विमर्श कर रहे हैं। गुप्ता ने बताया कि बाढ़ पीड़ित के लिए स्टेट बैंक के तरफ से मुख्यमंत्री राहत कोष में ₹1 करोड़ का अनुदान दिया है। इस मौके पर स्टेट बैंक के बिहार- झारखण्ड के मुख्य महाप्रबंधक महेश गोयल भी मौजूद थे।

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