आज की बालिका हीं कल की मातृशक्ति : रेखाचुडासमा

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मुंगेर : विद्या भारती द्वारा बलिका शिक्षा की क्षेत्रीय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में मुख्य रूप से विद्या भारती, उत्तर-पूर्व क्षेत्र के सहसचिव गोपेश कुमार घोष, भारती शिक्षा समिति, बिहार के प्रदेश सचिव प्रकाशचंद्र जायसवाल, लोक शिक्षा समिति, मुजफफरपुर के प्रदेश सचिव नकुल कुमार शर्मा सहित बिहार एवं झारखंड के सभी पूर्णकालिक एवं महिला प्रधानाचार्या के रूप में कुल 98 लोग उपस्थित थे।

बालिका शिक्षा पूरे समाज का विषय

वहीं इस बैठक के मुख्य वक्ता के रूप में विद्या भारती की अखिल भारतीय बालिका शिक्षा संयोजिका रेखाचुडासमा ने कहा कि बालिका शिक्षा पूरे समाज का विषय है। आज की बालिका हीं कल की मातृशक्ति है। इसलिए बालिका को सुशिक्षित एवं सुसंस्कारित होना आवश्यक है। इस दृष्टि से बालक-बालिकाओं को ऑनलाइल कक्षाओं से जोड़कर परिवार तथा समाज में सामंजस्य स्थापित करने हेतु प्रेरित करें।

परिवार एक संस्कार का केन्द्र एवं आनंद का धाम

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि परिवार एक संस्कार का केन्द्र एवं आनंद का धाम है। परिवार के सभी लोग आपस में समन्वयवयात्मक व्यवहार करें। परिवारिक सामंजस्य एवं समायोजन से आप आनंद का लुफ्त उठा सकते हैं। कोरोना काल में अपने स्वास्थ्य को ठीक रखने की दृष्टि से पाक शास्त्र के अनुसार ताजा एवं औषधियुक्त भोजन करें जिसमें लौंग, दालचीनी, हल्दी, सोंठ, अजवाईन, कालीमिर्च का भरपूर उपयोग हो। मनोस्वास्थ्य की दृष्टि से प्राणायाम, योगाभ्यास एवं ओमकार करें इससे मन स्थिर रहेगा।

बच्चों को ऑंनलाइन पेमेंट करने के लिए सिखाए

उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति को लेकर अलग-अलग प्रकार का प्रोजेक्ट छात्रों को दें जैसे- कोरोनाकाल एवं स्वास्थ्य, कोरोनाकाल एवं योग, कोरोनाकाल एवं भोजन, कोरोनाकाल एवं वर्तमान परिवार की स्थिति, कोरोनाकाल एवं अस्पताल की स्थिति । इससे बच्चे सक्रिय बने रहेंगे। बच्चों को ऑंनलाइन पेमेंट करने के लिए सिखाए।

औषधि का काम करेगी बैठक

इसके पूर्व कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए क्षेत्रीय बालिका शिक्षा संयोजिका कीर्ति रश्मि ने कहा कि इस महामारी के समय हमलोग कई चुनौतियों का सामना कर रहे है ऐसी स्थिति में यह बैठक हम बहनों के लिए एक औषधि का काम करेगी।

महिलाओं के बिना देश का पूर्ण निर्माण असंभव

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा की प्रोफेसर डा0 पूनम सिंह ने कहा कि आज यह चिंतन का विषय है कि आज की बेटियॉं/महिला कहॉं खड़ी हैं जबकि भारत में स्त्रियों का गौरव अभूतपूर्व रहा है। जिस प्रकार एक पंख से उड़ान भरना संभव नहीं है ठीक उसी प्रकार देश की आधी आबादी किसी भी देश की महिला होती है और अगर वह देश के निर्माण में सहयोग देने योग्य हीं ना हो तो किसी भी देश का पूर्ण निर्माण असंभव है।

महिलाओं में होते हैं अनेक हुनर

इसलिए यह आवश्यक है कि हमारी आधी आबादी को साथ में लेकर पूरा समाज चले तभी हम अपने राष्ट्र का पुर्ननिर्माण कर सकते हैं। महिलाओं में अनेक हुनर होते है अगर हम उनका उपयोग करें तो हमारी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सकती है।

वहीं मौके पर उपस्थित विद्या भारती, उत्तर-पूर्व क्षेत्र के संगठन मंत्री ख्यालीराम सिंह ने कहा कि वर्तमान परिस्थिति में भी हम कुछ संभावनाए तालाश रहें हैं इसमें हम अपने पूर्व छात्रों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को समाज के साथ जोड़कर तथा इनका सहयोग लेकर संगठन के कार्य को आगे बढ़ा सकते है।

बालिका शिक्षा के माध्यम से बालिकाओं का सर्वांगीण विकास

बैठक को संबोधित करते हुए विद्या भारती, उत्तर-पूर्व क्षेत्र के सचिव मुकेश नंदन ने कहा कि बालिका शिक्षा के माध्यम से बालिकाओं का सर्वांगीण विकास हो सकता है। बालिकाओं को ऐसा प्रशिक्षण दिया जाए जिससे उसकी शिक्षा सम्पूर्णता की ओर बढ़े। परिवार टूटने की श्रृंखला निरंतर बढती चली आ रही है। परिवार से समाज, देश और राष्ट्र बनता है । वहीं इस कार्यकर्म का धन्यवाद ज्ञापन विद्या भारती के क्षेत्रीय मंत्री राम अवतार नारसरिया के द्वारा किया गया।

 

 

swatva

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