राम जन्मभूमि : आज सुनवाई पूरी , इस दिन आएगा फैसला

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दिल्ली : राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में सुनवाई के 40वें दिन चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने कहा कि अब बहुत हो गया, इस मामले में सुनवाई आज ही पूरी होगी। उन्होंने कहा कि रोजाना सुनवाई का बुधवार को शाम पांच बजे समापन हो जाएगा। आपको बता दें कि मंगलवार को प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने इसके संकेत देते हुए कहा था कि 70 साल पुराने विवाद पर बहस बुधवार को समाप्त हो जाएगी। सुनवाई पूरी होने के एक महीने बाद 17 नवंबर को शीर्ष अदालत फैसला सूना सकती है।

सुनवाई के आखिरी दिन प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि हिंदू पक्ष के वकील सीएस वैद्यनाथन से कहा कि एक घंटा उन्हें मिलेगा और एक घंटा मुस्लिम पक्ष को दिया जाएगा। भोजनावाकाश के बाद की सुनवाई में 45-45 मिनट शेष पांच पक्षों को दिए जाएंगे। भोजनावकाश के बाद तीन घंटे पांच बजे तक सुनवाई होगी। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने कहा कि ये तीन घंटे का समय पक्षकार आपस में बांट लें। इससे ज्यादा उन्हें नहीं सुना जाएगा। इस प्रकार कोर्ट बुधवार को फैसला सुरक्षित रख सकता है।  सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को 39वें दिन की सुनवाई के दौरान संकेत दिया कि अयोध्या में राम जन्मभूमि मामले की सुनवाई बुधवार को पूरी कर ली जाएगी। पहले यह सुनवाई गुरुवार 17 अक्तूबर तक होनी थी। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की पीठ ने हिंदू पक्ष के वकील सीएस वैद्यनाथन से कहा कि एक घंटा उन्हें मिलेगा और एक घंटा मुस्लिम पक्ष को दिया जाएगा।

हालांकि सुबह के समय अदालत ने कहा था कि अंतिम दिन हम इस बात पर विचार करेंगे कि क्या इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा पक्षों के आवेदनों को मोड़ना सही था। पक्षों ने विवादित स्थल का टाईटल मांगा था लेकिन हाईकोर्ट ने उसका बंटवारा कर दिया। पर अब कोर्ट के इस रुख से नहीं लगता कि आवेदनों को बदलने के इस मुद्दे पर विचार हो पाएगा। इससे पूर्व दशहरा अवकाश से पहले कोर्ट ने संकेत दे दिया था कि सुनवाई बुधवार को भी समाप्त की जा सकती है। हालांकि सुनवाई का समय कोर्ट गुरुवार तक किया था।

अयोध्या में 50-60 मस्जिद, कहीं भी पढ़ सकते हैं नमाज : हिंदू पक्ष

उच्चतम न्यायालय में अयोध्या विवाद की 39वें दिन की सुनवाई के दौरान हिंदू पक्ष ने कहा कि अयोध्या में 50 से 60 मस्जिद हैं। मुस्लिम कहीं और भी जाकर नमाज़ पढ़ सकते हैं। संविधान पीठ के समक्ष हिंदू पक्ष के वकील के परासरण ने दलील दी कि अयोध्या में 50-60 मस्जिद हैं और नमाज कहीं भी अदा की जा सकती है, लेकिन यह राम का जन्मस्थान है, इसे बदला नहीं जा सकता। परासरण ने अपनी दलील में कहा कि किसी को भी भारत के इतिहास को तबाह करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। न्यायालय को इतिहास की गलती को ठीक करना चाहिए। एक विदेशी भारत में आकर अपने कानून लागू नहीं कर सकता है।

14 अपीलों पर सुनवाई

संविधान पीठ अयोध्या में 2.77 एकड़ विवादित भूमि तीन पक्षकारों-सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला- के बीच बराबर बराबर बांटने का आदेश देने संबंधी इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सितंबर, 2010 के फैसले के खिलाफ दायर 14 अपीलों पर सुनवाई कर रही है।

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