बिहार के 1 लाख परिवारों में होगा प्रकृति वंदन

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पटना: आगामी 30 अगस्त को होनेवाले प्रकृति वंदन के कार्यक्रम में 1 लाख परिवार के हिस्सा लेंगे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से सम्बद्ध संस्था विश्व संवाद केंद्र के सभागार से इसे लाइव करने की भी योजना है।

प्रकृति वंदन के इस कार्यक्रम की जानकारी देते हुए संयोजक अभिषेक ओझा और कुमोद कुमार ने बताया कि समाज को प्रकृति संरक्षण के प्राचीन परंपरा की ओर पुनः उन्मुख करने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा फाउंडेशन तथा पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत के ऑनलाइन संबोधन से होगी। प्रकृति संरक्षण के लिए आयोजित इस कार्यक्रम की तैयारी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एवं इसके तमाम अनुषंगी इकाइयों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में लगे अन्य संघ-संगठन एवं युवा जुट गए हैं।

कार्यक्रम के तहत सभी लोग अपने आवासीय परिसर में किसी भी वृक्ष या गमले के पौधे का सपरिवार पूजन करेंगे। पूजा के दौरान आरती और परिक्रमा के बाद प्रतिदिन जल चढ़ाने तथा प्रकृति, परिवार एवं देश रक्षा वाले कार्यों का संकल्प लिया जाएगा।

पेड़-पौधों, जल, जमीन संरक्षण के प्रति श्रद्धा एवं सम्मान संवर्धन तथा समाज को प्रकृति व प्राणी रक्षा के प्राचीन मूल्यों की ओर पुनः उन्मुख करने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

पर्यावरण एवं वनों के प्रति श्रद्धा के संस्कार के लिए वृक्षों तथा पौधों को प्रतीक बनाया जा सकता है। प्रतीक मस्तिष्क को गहराई तक प्रभावित करते हैं। इसका उद्देश्य है मनुष्य दैनिक जीवन में पेड़ पौधों की रक्षा करे, भूमि वंदना से पंच महाभूतो- पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश की रक्षा करें। प्रकृति के साथ सद्भाव में रहना हमारी भारतीय संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंग रहा है। यह पारंपरिक प्रथाओं, धार्मिक विश्वासों, अनुष्ठानों, लोककथाओं, कलाओं और शिल्पों में भारतीय लोगों के दैनिक जीवन से परिलक्षित होता है।

समाज अपने स्तर से प्रकृति और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करने के लिए जागरूक हो यही उद्देश्य है। इस अवसर पर सरसंघचालक का संबोधन www.fb.com/rss.paryavaransanrakshan/live पर भी देेखा जा सकता है।

swatva

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