विपक्ष को नहीं दिख रहा सूबे में शिक्षा का विकास: अरविन्द कुमार सिंह

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पटना: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अरविन्द कुमार सिंह ने तेजस्वी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि जिनकी आंखों पर अज्ञानता का काला चश्मा चढ़ा होता है, वे समझते हैं कि पूरी दुनिया में अंधेरा छाया है। ऐसी ही स्थिति बिहार में विपक्षी दल के एक युवा नेता की है। उनको नहीं दिख रहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बिहार ने कितना विकास किया है।

अरविन्द सिंह ने आज यहां कहा कि राज्य में शैक्षणिक स्थिति बेहतर होने से सरकारी स्कूलों के प्रति लोगों को विश्वास बढ़ा है। स्कूल जानेवाले बच्चों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। आज आत्मविश्वास से लबरेज होकर बेटियां साइकिल से स्कूल जाती हैं। 10वीं, 12वीं व अन्य परीक्षाओं में बेटियां अव्वल आ रही हैं। बिहार में दो केंद्रीय विश्वविद्यालय, निफ़्ट, आईआईटी, एनआईटी, एम्स सहित कई इंजीनियरिंग, मेडिकल, विधि व प्रबंध संस्थान हैं। ये संस्थान राज्य के शैक्षिक विकास की कहानी कहते हैं।

अरविन्द सिंह ने कहा कि बिहार विकास के पथ पर लगातार अग्रसर है और वह दिन दूर नहीं जब बिहार के शैक्षिक संस्थान भी देश के शीर्ष शैक्षिक संस्थान की सूची में शामिल होंगे। बिहार के शैक्षिक संस्थानों पर सवाल उठाने वाले विपक्ष के युवा नेता पहले ये बता दें कि बिहार में 15 साल पहले शिक्षा की क्या स्थिति थी?

विदित हो कि तेजस्वी ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि क्या आप जानते है? देश की टॉप-100 यूनिवर्सिटीज में बिहार की एक भी यूनिवर्सिटी नहीं है। आखिर क्यों? 15 वर्षीय सुशासनी सरकार इस पर जनता को जवाब दें। नीतीश कुमार जी और भाजपा ने मिलकर 15 वर्ष में बिहार की शिक्षा व्यवस्था को चौपट कर दिया है।

swatva

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